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Bulandshahar News: रसगुल्ला, चाप और गाजर का हलवा खाने से 181 बराती बीमार

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ऊंचागांव क्षेत्र के गांव चांसी रसूलपुर में दूल्हन पक्ष के लोगों से जानकारी लेती कार्यवाहक सीएमओ
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बुलंदशहर/जहांगीराबाद/ऊंचागांव। चांसी रसूलपुर गांव में सोमवार रात रसगुल्ला, चाप और गाजर का हलवा खाने से 181 बराती बीमार पड़ गए। रात करीब 10 बजे बरातियों ने खाना खाया था। उसके कुछ समय बाद स्वास्थ्य बिगड़ना शुरू हो गया। जिन लोगों ने रसगुल्ला, चाप और गाजर का हलवा खाया था, उनकी हालत बिगड़ गई। अधिकतर के पेट में दर्द, उल्टी, के साथ दस्त और चक्कर आने शुरू हो गए। वहीं, खाद्य विभाग की टीम ने छह नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं।
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जहांगीराबाद नगर के मोहल्ला आह्नग्रान रामगढ़ी निवासी बबलू की शादी ऊंचागांव क्षेत्र के गांव चांसी रसूलपुर में थी। बरात में करीब 200 लोग शामिल थे। सभी ने शादी समारोह में खाना खाया और जयमाल के बाद वापस आ गए थे। रामगढ़ी पहुंचने के कुछ समय बाद ही उल्टी, दस्त, पेटदर्द और बेहोशी छाने लगी। परिजन उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। सुबह तक बरात में शामिल रहे ज्यादातर लोग बीमार पड़ गए। मोहल्ले के लोगों ने जिलाधिकारी कंट्रोल रूम को भी मामले की सूचना दी। इस पर जिलाधिकारी ने सीएमओ को उपचार कराने के निर्देश दिए।
जहांगीराबाद के पूर्व सभासद गजराज सिंह ने बताया कि वह भी बरात में शामिल होने गए थे। खाना खाने तक उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई थी। जब रसगुल्ला, गाजर का हलवा और चाप का सेवन किया, उसके बाद से पेट दर्द, उल्टी और दस्त शुरू हो गए। हरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें भी रसगुल्ला और गाजर का हलवा खाने के बाद समस्या हुई। तेजपाल सिंह ने बताया कि उनके भतीजे सचिन और दीपांशु ने गाजर का हलुवा खाया था, उन्हें भी रात से उल्टी दस्त शुरू हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका उपचार चल रहा है।
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मंगलवार सुबह कार्यवाहक सीएमओ डॉ. मंजू अग्रवाल अधीनस्थ अफसरों के साथ आह्नग्रान रामगढ़ी पहुंचीं। वहां शिविर लगाकर बरात में गए लोगों के की जांच कराई। इस दौरान जिलाधिकारी समय-समय पर कार्यवाहक सीएमओ से जानकारी लेती रहीं। इसके बाद टीम ने रसूलपुर जाकर दुल्हन पक्ष एवं अन्य ग्रामीणों का भी हाल जाना। वहां किसी भी ग्रामीण ने उल्टी, दस्त या पेटदर्द आदि की समस्या नहीं बताई। रसूलपुर गांव में जांच के दौरान देसी एवं अंग्रेजी शराब और बीयर की खाली बोतलें टीम को मिली हैं।

अधिक खाने वाले हुए बीमार
बरात में खाना खाने के बाद जैसे ही समस्या हुई तो सभी ने एक दूसरे को बताना शुरू कर दिया। कुछ लोग तो अपने निजी वाहनों से घर के लिए निकल लिए। कुछ लोग बस के इंतजार में रात तक शादी समारोह स्थल पर रहे। जब 20 से अधिक लोगों को परेशानी हुई तो वहां अफरातफरी का माहौल हो गया। इसके बरात के घर लौटने पर संख्या 100 से भी ऊपर पहुंच गई। लोगों का कहना है कि जिन लोगों ने ज्यादा रसगुल्ले और गाजर का हलवा खाया है, उन्हीं लोगों को ज्यादा परेशानी हुई है।





18 चिकित्सकों की टीम ने की जांच



रामगढ़ी में ऊंचागांव, जहांगीराबाद, तौली और जिला अस्पताल के 18 चिकित्सकों की टीम ने शिविर लगाकर जांच की। इसमें 107 पुरुष एवं 53 महिलाओं ने पंजीकरण कराकर अपनी जांच कराई। इनमें 23 बच्चे भी शामिल रहे। सभी को दवा देकर घर भेज दिया गया। सीएचसी में भर्ती 21 मरीजों में 10 की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सीएचसी पर भर्ती मरीजों में धर्मवीर, विकास, कमल, अंकुश, अभिषेक, विपिन, कन्हैया, सतवीर, मनोज, गौरी शंकर, कुंवरपाल शामिल रहे, जबकि सचिन, दीपांशु, बाबू, पवन, शिवकुमार, प्रकाश, सोमवीर, नरसी, अनुज एवं जतिन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।




स्थिति नियंत्रण में है। दूषित खाद्य पदार्थ खाने के कारण 21 लोगों को सीएचसी और 160 लोगों को शिविर में उपचार दिया गया। 10 मरीजों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में भर्ती मरीजों की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। - डॉ मंजू अग्रवाल, कार्यवाहक सीएमओ







दूषित खाना खाने से लोगों के बीमार होने की जानकारी मिली थी। ग्रामीणों के मुताबिक युवती पक्ष के लोगों और ग्रामीणों ने भी वहीं खाना खाया था लेकिन उनका स्वास्थ्य ठीक है। फिलहाल मौके से छह नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - विनीत कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग
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