फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काली नदी के किनारे 160 गांवो का पानी दूषित

Sun, 26 Jun 2016 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो /बुलंदशहर
विज्ञापन
नदी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
काली नदी का दूषित पानी 160 गांवों में ग्रामीणों की जिंदगी में जहर घोल रहा है। काली नदी से सटे गांव और कालोनियों का पानी पूरी तरह दूषित हो चुका है। स्याह सच जानते हुए भी अफसर काली नदी को लेकर खामोश हैं। अभी तक इन गांवों और कालोनियों में अफसर सैंपलिंग को नहीं पहुंचे हैं।
विज्ञापन



काली नदी जनपद में गुलावठी, अगौता, बुलंदशहर, शिकारपुर, पहासू और दानपुर ब्लॉक से होकर अलीगढ़ की सीमा में पहुंचती है। बता दें कि काली नदी में आर्सेनिक और क्लोराइड जैसे तत्व पाए गए हैं। ये रासायनिक तत्व सेहत के लिए बेहद खतरनाक होते हैं। शहर में रिहायश का दूषित पानी भी काली नदी में बहाया जा रहा है। वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम कमजोर होने से मवेशियों का अपशिष्ट भी काली नदी में डाला जाता है। कुल मिलाकर काली नदी में पानी के बजाय जहर का प्रवाह हो रहा है।

ऐसे में काली नदी के किनारे बसे 160 गांवों का पेयजल दूषित हो गया है। इन गांवोें में लोग 150 से 180 स्क्वायर फीट गहराई पर हैंडपंप और सबमर्सिबल का बोरिंग कराने लगे हैं। इस्लामाबाद निवासी दानिश ने बताया कि जिस समय काली नदी में साफ पानी बहता था उस समय हैंडपंप का बोरिंग 80-90 स्कवायर फीट पर होता था। खास बात यह है कि लोग खुद भले ही जागरूक हो रहे हो, लेकिन जल निगम के अफसरों को इन गांवों में पानी का सैंपल लेने की फुरसत नहीं है।  
विज्ञापन

...
नहीं लिए गए पानी के सैंपल
गांवोे में दूषित पानी से छुटकारा दिलाने की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी की होती है। अब तक सरकारी मशीनरी ने काली नदी से सटे गांवों में पानी की सैपलिंग तक नहीं की है। ऐसे मेें सीडीओ की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।
...
काली नदी के निकट सभी गांवों में पानी की जांच करवाई जाएगी। लोगाें को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना शासन की मंशा है। इसी के अनुरूप काम कराया जाएगा। सैंपल रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - सीडीओ, जसजीत कौर
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें