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बोर्ड परीक्षा: नकल का आया मामला सामने तो मान्यता होगी खतरे में

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बोर्ड परीक्षा: नकल का मामला आया सामने तो रद्द होगी मान्यता
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बुलंदशहर। यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है। परीक्षा केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया को पूरा करने के बाद अब केंद्र व्यवस्थापक बोर्ड के नए नियमों के दायरे में रहेंगे। बोर्ड ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर केंद्र पर नकल का मामला सामने आया तो विद्यालय की मान्यता खत्म कर दी जाएगी। साथ ही नकल पकड़े जाने पर परीक्षार्थी के साथ केंद्र व्यवस्थापक पर भी एफआईआर होगी। इसके लिए बोर्ड ने डीआइओएस को निर्देशित कर दिया है।
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सात फरवरी 2019 से प्रस्तावित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 15 दिसंबर से प्रयोगात्मक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। इसे लेकर संबंधित विद्यालय के प्रबंध तंत्र को निर्देशित किया जा चुका है कि वह अपने यहां की लैब का प्रमाणपत्र देकर परीक्षा संपन्न कराएं। सख्त नियमों के बीच परीक्षा के दौरान भी नकल रोकने के लिए जारी गाइड लाइन का पालन किया जाना है। किसी केंद्र पर परीक्षा के दौरान नकल होते पायी गई तो केंद्र व्यवस्थापक पर कार्रवाई करते हुए बोर्ड मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई करेगा। स्थानीय तौर पर नकल वाले केंद्र का ब्योरा जिला प्रशासन के साथ ही बोर्ड के मंडलीय कार्यालय भी भेजा जाएगा। जहां से यह तय होगा कि केंद्र पर आगे की परीक्षाएं किस प्रकार से कराई जाएं। जिला विद्यालय निरीक्षक आरके तिवारी ने बताया कि नकल रोकने के लिए बोर्ड पिछले साल से ज्यादा सख्त है। प्रयोगात्मक परीक्षा से लेकर बोर्ड परीक्षा के मध्य किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में 94 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा होगी।
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