जिला मुख्यालय छोड़ने वाले चिकित्सकों से जवाब तलब
बुलंदशहर। सरकारी चिकित्सालयों के चिकित्सक अब मुख्यालय से दूर नहीं रह सकेंगे। अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य अफसरों ने अस्पताल परिसर से बाहर रहने वाले चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगना शुरू कर दिया है।
शासन के आदेश के बाद भी सरकारी चिकित्सालयों में कार्यरत चिकित्सक और अन्य स्टाफ मुख्यालय से 50-70 किमी दूर परिवार संग रह रहे थे। अधिकांश समय से चिकित्सक और स्टाफ मुख्यालय देरी से पहुंच रहे थे। इसकी वजह से मरीजों के साथ-साथ परिजनों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अमर उजाला ने मरीजों की परेशानियों को देख शनिवार के अंक में ‘आदेशों की अवहेलना कर रहे स्वास्थ्य अफसर’ शीर्षक से समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। समाचार प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य अफसरों ने मामले को गंभीरता से लिया और अस्पताल परिसर से बाहर रहने वाले चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगना शुरू कर दिया है। बता दें कि अब तक सरकारी चिकित्सालयों में कार्यरत प्रभारी, चिकित्सक और अन्य स्टाफ मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, अलीगढ़ और दिल्ली में रहकर कार्य कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर देर से अस्पताल पहुंचते हैं और जल्द चले जाते हैं। जिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि जिला अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों से, जो अस्पताल परिसर से बाहर निवास कर रहे हैं, उनसे रहने का कारण और पता मांगा गया है। सभी चिकित्सकों द्वारा जानकारी देने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।