औपचारिकता में निपटा नवजात शिशु देखभाल सप्ताह
जहांगीराबाद। नवंबर के दूसरे पखवाड़े में 14 से 21 नवंबर तक नवजात शिशु देखभाल सप्ताह मनाया जाता है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यह पखवाड़ा विभाग की उदासीनता की भेंट चढ़ गया। पखवाड़े के नाम पर जहांगीराबाद क्षेत्र में कोई कदम नही उठाऐ गए। वहीं, अभी भी स्थानीय सीएचसी में शिशु और बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी।
जन्म के तुरंत बाद की स्थिति नवजात शिशुओं के लिए बहुत ही संवेदनशील होती है। लेकिन स्थानीय सीएचसी में इससे जूझने के कोई इंतजाम नहीं हैं। नवजात शिशुओं की जीवन रक्षा के लिए तमाम सहयोगी उपकरण और मशीनों की जरूरत होती है, जो यहां नही है। यहां सीएचसी में कोई विशेषज्ञ न होने के कारण गंभीर हालात वाले नवजात शिशुओं का उपचार नहीं हो पाता है। परिजनों को शहर के निजी चिकित्सकों या दूसरे शहरों की ही दौड़ लगानी पड़ती है। जो उपचार स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क और बिना भागदौड़ मिल सकता है। उसके लिए लोगों को निजी चिकित्सकों के पास पहुंचकर भारी-भरकम कीमत चुकानी पड़ती है। समाज सेविका रंजना अग्रवाल व रामकली देवी ने करीब तीन माह पूर्व प्रदेश के मुख्यमंत्री को एक पत्र भेजकर स्थानीय सीएचसी की महत्ता को समझाते हुए सीएचसी परिसर में बच्चों के इलाज की उच्च स्तरीय व्यवस्थाएं उपलब्ध कराते हुऐ अत्याधुनिक उपकरणों से लैस पीडियाट्रिक वार्ड व बेबी कॉर्नर बनवाने की भी मांग की थी, लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। सीएचसी प्रभारी डा. राकेश सिंह का कहना है कि पूरे जिले में ही डॉक्टरों की कमी है। स्टाफ की कमी का मामला आला अधिकारियों के संज्ञान में है। जल्द यहां बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती कर दी जाएगी।