रिंग रोड की पहली बाधा दूर, मिली एनओसी
बुलंदशहर। मेरठ-बुलंदशहर हाइवे के शिलान्यास के बाद प्रस्तावित रिंग रोड की घोषणा की गई थी। जिसके लिए केंद्र सरकार को प्रदेश सरकार के अनापत्ति पत्र की आवश्यकता था। वहीं, अब अनापत्ति पत्र प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र को भेज कर रिंग रोड निर्माण की पहली बाधा को दूर कर दिया गया है। जल्द ही रिंग रोड का निर्माण हो सकेगा।
सदर विधायक वीरेंद्र सिंह सिरोही ने बताया कि बीते 29 सितंबर को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी बुलंदशहर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मेरठ-बुलंदशहर हाइवे के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान जनपद महायोजना में प्रस्तावित बाईपास(रिंग रोड) की घोषणा की थी। इसके लिए भारत सरकार को प्रदेश सरकार से अनापत्ति प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। जिसके संबंध में कई बार जिले के नेता मुख्यमंत्री से गुहार लगा चुके थे। सदर विधायक ने बताया कि रिंग रोड निर्माण और अनापत्ति पत्र के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री से पत्राचार कर व व्यक्तिगत आग्रह करते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र देने का अनुरोध किया था। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग से आख्या प्राप्त कर शासन की ओर 31 अक्तूबर 2018 को सचिव सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा रिंग रोड का डीपीआर गठन/निर्माण भूतल परिवहन एवं राज मार्ग मंत्रालय भारत सरकार को प्रदान कर दिया गया है। विधायक ने बताया कि उन्होंने बीते 13 अक्तूबर को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री भारत सरकार नितिन गडकरी से रिंग रोड का प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कराने का आग्रह किया गया था। अनापत्ति प्रमाण पत्र की बाधा दूर होने के बाद रिंग रोड का जल्द ही निर्माण होने का अनुमान लगाया जा रहा है।