बुलंदशहर। आईएसआई एजेंट जाहिद की गिरफ्तारी में सबसे बड़ा और चौकान्ने वाला खुलासा हुआ है। इसके अनुसार वर्ष 1999 में जाहिद एक मामले में आरोपी है और जमानत पर जेल से छूटा हुआ है। इसके बावजूद जाहिद ने बड़े ही शातिराना तरीके से अपना पासपोर्ट बनवा कर दो बार पाकिस्तान भी घूम आया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहा है।
बीते शुक्रवार देर शाम देहात कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने आईबी के इनपुट पर पाकिस्तानी एजेंट जाहिद को गिरफ्तार किया था। आरोपी जाहिद रविवार सुबह नौ बजे से पुलिस की रिमांड पर है। आरोपी से पूछताछ में सामने आया था कि उस पर वर्ष 1999 में एक मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें वह जेल भी गया था, मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है और आरोपी जमानत पर बाहर चल रहा था।
सूत्रों की मानें तो वर्ष 1999 में खुर्जा नगर पुलिस ने मोहल्ला तरीनान निवासी अफजाल की तहरीर के आधार पर जाहिद के खिलाफ आईपीसी की धारा 459 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। उसका अपराध संख्या 571/1999 है। बताया गया कि जाहिद इस चोरी और जाग होने पर परिवार के लोगों पर हमले के मामले में जेल भी गया था। कुछ समय जेल में बिताने के बाद वह वापस जमानत पर बाहर आ गया था। मई 2012 में जाहिद ने पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया था।
सूत्रों की मानें तो जाहिद ने इस दौरान तत्कालीन कुछ पुलिसकर्मियों से साठ-गांठ कर अपना पासपोर्ट तैयार करा लिया था। यानि मुकदमा दर्ज होने के करीब 13 वर्ष बाद जाहिद ने शातिराना दिमाग से पासपोर्ट तैयार कराया था।
मामला संज्ञान में आया है, इसकी जांच कराई जा रही है। जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। - केबी सिंह, एसएसपी