एनएपीएस के आसपास क्षेत्र में सात करोड़ से होंगे विकास कार्य
नरौरा। नरौरा परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निदेशक एके दत्ता ने कहा कि संयंत्र रिकॉर्ड विद्युत उत्पादन के साथ पर्यावरण मित्र रहते हुए अपने सीएसआर कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के विकास के लिए संकल्पित है। आसपास क्षेत्र के विकास के लिए चालू वित्त वर्ष में सात करोड़ की धनराशि के कार्य किए जाने प्रस्तावित हैं।
परमाणु संयंत्र में पत्रकार कार्यशाला के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में निदेशक एके दत्ता ने कहा कि देश की बढ़ती बिजली आपूर्ति की मांग को पूरा करने के लिए परमाणु ऊर्जा एकमात्र विकल्प है। देश के सात स्थानों पर पर्यावरण मित्र रहते हुए सुरक्षित उत्पादन किया जा रहा है। निगम की कायगा की एक यूनिट ने लगातार 895 दिन विद्युत उत्पादन की विश्व रिकार्ड स्थापित किया है। मुख्य अधीक्षक पीजी रायचूर ने बताया कि नरौरा संयंत्र स्वदेशी तकनीकी से बना संयंत्र है। जो कि अपनी पूर्ण क्षमता पर उत्पादन कर रहा है। एमएस सुभाशीष पात्रा ने बताया कि सीएसआर के तहत पांच किलोमीटर तक के आसपास के ग्रामों में लिंक रोड, इंटरलॉकिंग टाइल्स रोड, स्कूलों में कमरे, शौचालय, यात्री शेड, ग्रामीणों को चिकित्सा सुविधा आदि के कार्य किए जा रहे हैं। बीएआरसी की प्रयोगशाला के वाईपी गौतम ने बताया कि संयंत्र के आसपास विकिरण का स्तर प्राकृतिक विकिरण से भी सैकड़ों गुना कम है। वैज्ञानिक अधिकारी केके शर्मा ने संयंत्र से बिजली उत्पादन और सुरक्षा, संरक्षा प्रणालियों की जानकारी दी। इस मौके पर डीजीएम राजेश्वरी, एमएस डा. वाईपी सिंह, टीएस गौरव शर्मा, एंप्लोई एसोसिएशन अध्यक्ष ओएस तोमर, एके दास, संजीव गुप्ता आदि मौजूद रहे। इससे पूर्व पत्रकार कार्यशाला में मौजूद डिबाई, नरौरा, गुन्नौर, अनूपशहर व अतरौली के प्रतिनिधियों को संयंत्र भ्रमण कराया गया।