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अब दो अक्टूबर नहीं 15 अक्टूबर को होगा जिला ओडीएफ

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अब दो अक्टूबर नहीं 15 अक्टूबर को होगा जिला ओडीएफ
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बुलंदशहर। जिले में शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूरा करने और जिले को ओडीएफ करने में लगभग विफल साबित हो रहे जिला प्रशासन को शासन ने राहत दे दी है। इस नए आदेश के तहत अब जिला दो अक्टूबर नहीं, बल्कि 15 अक्टूबर को ओडीएफ होगा। इससे प्रशासनिक अफसरों ने राहत की भी सांस ली है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को खुले में शौच से मुक्त करना है। यह कार्य वर्ष 2014 में शुरू हुआ। उस समय वर्ष 2011-12 की जनणगना के आधार पर सर्वे करवाया गया। इसमें 2.65 लाख से अधिक परिवारों का चयन कर उनके घर शौचालय बनवाने का निर्णय लिया गया। शौचालय निर्माण के लिए शासन से राशि समय पर नहीं मिली तो साथ ही शुरूआत में विभागीय अफसरों ने भी शौचालय निर्माण में अनदेखी की। इसका नतीजा यह रहा कि अभी तक जिले में शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। हाल ही में केंद्र सरकार से आदेश जारी हुआ कि दो अक्टूबर को जिला ओडीएफ किया जाना है। इसे लेकर विभागीय अफसरों ने शौचालय निर्माण में रुचि ली। इसके बावजूद भी दो अक्टूबर नजदीक है। लेकिन अभी तक लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। अभी तक 1176 गांवों में से करीब एक हजार गांव ही ओडीएफ घोषित हो पाए हैं। अफसरों के लिए राहत की बात है कि शासन की ओर से अब ओडीएफ के लिए 15 अक्टूबर तक का समय देने के कारण अब अफसरों ने राहत की सांस ली है।
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अभी 10 हजार से अधिक शौचालयों का और होना है निर्माण
जिले को ओडीएफ करने के लिए अभी 10 हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण और करना है। यह वह शौचालय हैं, जिनको बनवाने में विभागीय अफसरों से लेकर ग्राम प्रधान की लापरवाही रही है। इसका एक कारण यह भी है कि ग्राम सचिवों की कमी है और एक सचिव के पास छह से आठ गांव हैं। वहीं, दूसरी ओर सरकारी धन लेकर लोगों ने शौचालय नहीं बनवाए। ऐसे लोगों को नोटिस जारी करने के साथ एफआइआर करवाई जा रही हैं। लेकिन अब शासन के नए आदेश के तहत ऐसे लोगों से आगामी 15 दिनों में शौचालय निर्माण को दिए गए धन को वसूल करते हुए शौचालय बनवाने होंगे। साथ ही सर्वे कर शौचालय से वंचित घरों को चिन्हित कर शौचालय बनाएं जाएंगे।

फिर से होगा शौचालय निर्माण के लाभार्थियों का सर्वे
स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत वर्ष 2012 में कराए लाभार्थियों के बेस लाइन सर्वे में लाभार्थियों के वंचित रहने की आशंका के चलते शासन ने पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत के निर्देश पर दोबार लाभार्थियों का सर्वे कराने का निर्देश दिया है। इस संबंध में जिलाधिकारी, सीडीओ, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष स्वच्छ भारत मिशन मैनेजमेंट कमेटी को पत्र लिखकर 3 अक्तूबर से सर्वे कराने के लिए निर्देशित किया गया है। संयुक्त सचिव पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि मंत्रालय द्वारा प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को शौचालय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 2012 में बेस लाइन सर्वे कराया गया था। सर्वे के उपरांत शौचालय विहीन पात्र परिवारों को शौचालय सुविधा से आच्छादित किए जाने हेतु एसआईएस व्यवस्था में लाभार्थियों की ग्रामवार संख्यात्मक एंट्री कराई गई थी। लाभार्थियों का विवरण पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार की वेबसाइड पर भी अपलोड किया गया था। अवगत कराया कि जनपदों से प्राप्त फीडबैक एवं राज्य स्तर से किए गए अनुश्रवण में यह तथ्य प्रकाश में आया कि वर्ष 2012 में कराए गए बेस लाइन सर्वे में काफी संख्या में परिवार शामिल होने से वंचित हो रह गए। अत: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत बेसलाइन सर्वे 2012 की सूचि में वंचित रह गए परिवारों का चिन्हिकरण करने के लिए तीन अक्टूबर से विशेष सर्वेक्षण अभियान चलया जाए।
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जिले को अब दो अक्टूबर की बजाय 15 अक्टूबर को घोषित किया जाएगा। शासन के आदेश पर शौचालय से वंचित परिवारों का सर्वे कर चयन होगा। उनके शौचालय बनाए जाएंगे। साथ ही सरकारी धन लेकर शौचालय न बनवाने वालों से भी वसूली कर शौचालय बनवाए जाएंगे। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी, बुलंदशहर।
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