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किसानों के हक के लिए ऐतिहासिक आंदोलन होगा: राकेश टिकैत

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किसानों के हक के लिए होगा ऐतिहासिक आंदोलन : राकेश टिकैत
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गुलावठी। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने ग्राम भटौना के नाग देवता मंदिर प्रांगण में आयोजित भाकियू की महापंचायत को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 23 सितंबर से किसानों के हक के लिए ऐतिहासिक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 23 सितंबर से 2 अक्टूबर तक हरिद्वार से दिल्ली तक किसान क्रांति यात्रा निकलेगी। यात्रा में देशभर के किसान भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से मांग है कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए। ट्रैक्टर तथा मोटर पंपों की दस साल में एक्सपाइरी कानून को खत्म किया जाए। पूरे देश में किसानों के कर्जे माफ किए जाए। कृषि को मनरेगा के दायरे में लाया जाए। टिकैत ने 2013 की भूमि अधिग्रहण नीति में बदलाव को किसान विरोधी बताया। महापंचायत में इससे पूर्व राकेश टिकैत को भाकियू कार्यकर्ताओं ने पगड़ी बांधकर सम्मानित किया। बुलंदशहर तथा गौतमबुद्धनगर की जनपद इकाईयों द्वारा उन्हें आंदोलन के लिए धनराशि भेंट की गई। राकेश टिकैत ने एशियन गेम्स में सिल्वर मेडिल प्राप्त करने वाले ग्राम खरखाली बीबीनगर के राकेश को सम्मानित किया। इससे पूर्व भाकियू के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह गुड्डू, जयगोपाल शर्मा, यशवीर सिंह, रणवीर शास्त्री, चौ. अरब सिंह, गंगाप्रसाद पिलानिया, कै.राजेंद्र सिंह, मदनपाल सिंह, सुरेशपाल सिंह तेवतिया, रोहताश सिंह तेवतिया, देवेंद्र सिंह तेवतिया, राजू चौधरी, मनोज चौधरी आदि ने संबोधित किया। संचालन कै. बिशन सिंह सिरोही ने किया।
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सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पलटना गलत
गुलावठी। राकेश टिकैत ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय संसद में पलटना एक गलत कदम है। उन्होंने कहा कि वह एससीएसटी वर्ग के अधिकारों का सम्मान करते हैं, परंतु जांच के बिना किसी को जेल नहीं होनी चाहिए। कहा कि 2019 के चुनाव में भाकियू का उम्मीदवार खड़ा करने का कोई इरादा नहीं है। वह किसानों के हक की लड़ाई लड़ेंगे।
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पिता के अंदाज में दिखे राकेश टिकैत
गुलावठी। महापंचायत में संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत अपने पिता तथा भाकियू के संस्थापक स्व.महेंद्र सिंह टिकैत के अंदाज में दिखे। मंच पर बैठे राकेश टिकैत बीच-बीच में उसी अंदाज में हुक्का गुड़गुड़ा रहे थे जिस अंदाज में उनके पिता महेंद्र सिंह टिकैत पंचायत में हुक्का पीते थे। पंचायत में सभी वक्ताओं ने महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में 24 साल पहले मेरठ कमिश्नरी के 40 दिन तक घेराव को याद किया तथा राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों के लिए संघर्ष का संकल्प लिया।
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