काली नदी पर गंदे नालों का ‘काला साया’
बुलंदशहर/गुलावठी। एनजीटी के सख्त आदेशों के बाद भी अधिकारियों की लापरवाही से काली नदी में सफाई नहीं हो रही है। सफाई को दूर की बात जिले में कई स्थानों पर काली में छोटे-बड़े कुल 50 नाले गिर रहे हैं। इससे नदी की हालत दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। इससे काली नदी एक बड़े नाले में तब्दील हो गई है।
सैकड़ों वर्ष पूर्व काली नदी का अस्तित्व मुजफ्फरनगर से शुरू हुआ था। वहां से शुरू होकर काली नदी, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, एटा व फर्रूखाबाद में समाप्त होती है। वर्षों पूर्व जो जल लोगों के लिए संजीवनी बना था वही अब लोगों के लिए काल भी बनता जा रहा है। अफसरों की लापरवाही और लोगों की अनदेखी के कारण जिले में गुलावठी के रास्ते प्रवेश करने वाली काली नदी का अस्तित्व पूरी तरह से खतरे में हैं। जिले में काली नदी के हालात देखें तो यह नदी कम एक गंदा नाला अधिक दिखती है। नगर पालिका क्षेत्र में कुल 12 छोटे-बड़े नाले इसमें गिरते हैं तो गुलावठी, पहासू, छतारी समेत अन्य क्षेत्रों में 50 से अधिक गंदे नाले इसमें गिरकर इसके अस्तित्व को समाप्त करने में जुटे हुए हैं।
मेरठ के बाद सिमटने लगा है दायरा
मुजफ्फरनगर से शुरू होने वाली काली का दायरा मेरठ जनपद के बाद सिमटने लगा है। मेरठ और उससे पूर्व के जिलों में यह खुलकर सांस लेती हुई मस्ती से निकलती है, लेकिन बुलंदशहर में प्रवेश के साथ ही लोगों ने इसकी जमीन पर अवैध कब्जा शुरू कर दिया है। जिले में करीब 70 किमी के सफर के दौरान काली को कहीं भी खुली जगह नहीं मिल सकी है।
नगर क्षेत्र में बने है दो हजार अवैध मकान
नगर पालिका क्षेत्र में काली नदी की जमीन पर अवैध रूप से दो हजार से अधिक मकान बने हुए हैं। गत दिनों एनजीटी के आदेश पर बीडीए द्वारा काली नदी की जमीन की पैमाईश की गई तो पूरा खुलासा हुआ। बीडीए अफसरों ने अवैध रूप से बनाए गए मकानों के मालिकों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की, इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। वहीं, बीडीए सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने बताया कि एनजीटी के आदेश पर नोटिस जारी किए गए हैं। शासन से अनुमति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोट
काली नदी को साफ करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। योजना के तहत गंदे नालों को इसमें गिरने से रोका जाएगा। जल्द ही काली को साफ कर लिया जाएगा। - एके सिंह, ईओ नगर पालिका
नगर पालिका के साथ मिलकर काली को साफ करने की कोशिश की जा रही है। जल्द ही इसमें सफलता हासिल कर ली जाएगी। - जीएस श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी
काली नदी नगर पालिका क्षेत्र में नहीं आती है। यद्यपि नगर पालिका ने नालों पर जाल लगा दिए हैं, ताकि नालों की गंदगी काली नदी में न जाने पाए। - मुक्ता सिंह, ईओ नगर पालिका गुलावठी
काली नदी बुलंदशहर का प्राण है। जिले में प्राण ही नहीं रहेगा तो लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अधिकारियों को काली को साफ करने के लिए बयानबाजी नहीं जमीन पर कार्य करना पड़ेगा। - राजेन्द्र पथिक, पर्यावरणविद्