अब सरकारी चिकित्सालयों में शाम को भी मिलेगी ओपीडी की सेवाएं
बुलंदशहर। सरकारी चिकित्सालयों के बंद के बाद निजी अस्पताल में महंगे इलाज के लिए जाने वाले मरीजों के लिए एक अच्छी खबर है। शासन ने चिकित्सकों की कमी के चलते शाम के समय में विशेष ओपीडी चलाने के लिए योजना बनाई है। अब सरकारी चिकित्सालयों में दोपहर बाद भी ओपीडी में मरीज आसानी से इलाज करा सकेंगे। यह ओपीडी सामान्य ओपीडी से अलग होगी।
सरकारी चिकित्सालय खुलने के दौरान मरीजों की भारी भीड़ लगी रहती है। समय निर्धारित होने पर समय से अस्पताल न पहुंचने के कारण अधिकांश मरीज सरकारी चिकित्सालयों की सुविधा से वंचित रह जाते है और मरीजों को निजी अस्पताल में जाकर मोटी रकम खर्च कर उपचार कराना पड़ता है। शासन ने अब प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सालयों में ईवनिंग ओपीडी चलाने की योजना बनाई है। शासन का मानना है कि चिकित्सकों की कमी के कारण बहुत से लोगों को उपचार नहीं मिल पाने के बढ़ते संकट से राहत मिलेगी।
निजी अस्पतालों से मिलेगी राहत
प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सालयों में वर्तमान समय में भारी संख्या में चिकित्सकों की विगत कई वर्षों से कमी चल रहीं हैं। नियमानुसार सरकारी चिकित्सक ड्यूटी ज्वाइन करने के बाद प्राइवेट प्रेक्टिस नहीं कर सकते। उन्हें केवल तय समय में ही मरीजों को देखने की स्वीकृति होती है। ईवनिंग ओपीडी में इन्हीं चिकित्सकों को मरीज देखने के लिए लगाया जा सकता है। ईवनिंग ओपीडी में ऐसे मरीजों को देखने की योजना बनाई है जो निर्धारित समय में भीड़भाड़ के चलते निजी अस्पतालों की ओर रूख करते हैं।
सामान्य ओपीडी से अधिक होगा शुल्क
सरकारी चिकित्सालयों में सामान्य ओपीडी में मरीजों से एक रुपया लेकर चिकित्सीय जांच, खून की जांच, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और अन्य प्रकार की जांच से लेकर दवाई दी जाती है। जबकि ईवनिंग ओपीडी में शासन मरीजों को कुछ शुल्क निर्धारित करेगा। जिसको दो भागों में बांटा जाएगा। शुल्क का एक भाग अस्पताल-संस्थान को और दूसरा भाग ड्यूटी करने वाले चिकित्सक व अन्य स्टाफ को दिया जाएगा। इस व्यवस्था से चिकित्सकों की कमी को काफी हद तक कम किया जा सकेगा और अस्पताल-संस्थान के साथ चिकित्सक और स्टाफ भी अतिरिक्त आय की प्राप्ति कर सकेंगे।
कोट-
शासन ने ईवनिंग ओपीडी चलाने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। शासन के प्रस्ताव के अनुसार मरीज निजी अस्पताल की जगह सरकारी चिकित्सालय में शाम के समय उपचार करा सकेंगे। ईवनिंग ओपीडी शुरू होने से दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। - डॉ. केएन तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी