दुष्कर्म का आरोपी शिक्षक इंजीनियर दोषी करार, कारावास
बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय एवं विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट विष्णु कुमार शर्मा ने शादी का झांसा देकर छात्रा के साथ सात वर्ष तक दुष्कर्म करने वाले आरोपी शिक्षक को दोषी माना है। न्यायाधीश ने अभियुक्त को सात वर्ष कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी केशव देव शर्मा व सुरेंद्र चौहान ने बताया कि पीड़िता ने दिनांक 12 जुलाई 2013 को थाना कविनगर गाजियाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि वर्ष 2010 अगस्त में जब वह कक्षा 12 की छात्रा थी उसके ट्यूटर विवेक गिरी पुत्र भगवत गिरी निवासी एनएपीएस कालोनी नरौरा ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। इसके बाद विवेक ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रखा। इस दौरान पीड़िता ने उसे बताया था कि वह हरिजन है, इसके बावजूद आरोपी उसके साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करता रहा। इसके बाद आरोपी ने अलीगढ़ में पीड़िता को पत्नी के रुप में रखा और गर्भवती होने पर उसका गर्भपात भी करा दिया था। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी विवेक गिरी के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी थी। वहीं सोमवार को न्यायाधीश ने दोनों पक्षों के बीच हुई बहस और गवाहों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए सात वर्ष कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।