अब खुले में नहीं घूमेंगे गोवंश, सरकार बनवाएगी संरक्षण केंद्र
- प्रदेश के 68 जिलों में बनाए जाएंगे वृहद गो संरक्षण केंद्र
- निदेशक एवं प्रशासन विकास पशु पालन के प्रमुख सचिव ने मांगा भूमि चयन का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। गोवंश अब खुले में नहीं घूमेंगे। उनके रहने के लिए प्रदेश सरकार ने वृहद गो संरक्षण केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। इसके लिए निदेशक एवं प्रशासन विकास पशु पालन के प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी समेत मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर भूमि का चयन कर प्रस्ताव भेजने को कहा है।
बता दें कि इस समय शहर हो या ग्र्रामीण क्षेत्र, सभी जगह गोवंश आदि मवेशियों को खुले में घूमते दिखाई देते हैं। वहीं, दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र में भी गोवंश के साथ अन्य मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। यह मवेशी किसानों की फसल को नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। इनसे निजात दिलाने के लिए समय-समय पर मांग उठती रही हैं। ऐसे में सरकार ने प्रदेश के 68 जिलों में गो संरक्षण केंद्र बनाने का निर्णय लिया है। इन जिलों में बुलंदशहर भी शामिल है। इसके लिए निदेशक एवं प्रशासन विकास पशु पालन के प्रमुख सचिव डॉ. सुधीर एम बोबड़े ने जिलाधिकारी समेत मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पत्र लिखा है। इसमें जल्द से जल्द भूमि का चयन कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया है। बताया गया कि गो संरक्षण केंद्र में खुले में घूमने वाले मवेशियों के रहने का पर्याप्त स्थान होगा। एक केंद्र के निर्माण की लागत एक लाख बीस हजार रुपये आएगी। इसकी पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। यह राशि तभी मिलेगी, जब जिला स्तर से भूमि के चयन का प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बुलंदशहर डॉ. लक्ष्मी नारायण ने बताया कि प्रदेश सरकार ने आवारा मवेशी खासकर गोवंश के संरक्षण के लिए एक अच्छी पहल है। गो संरक्षण केंद्र बनने से जहां मवेशियों के खुले में घूमने से मुक्ति मिलेगी। वहीं उनको चारा, पानी और अन्य सुविधाएं भी केंद्र में ही मिलेंगी। जल्द ही भूमि चयन का प्रस्ताव बनाकर भेज दिया जाएगा।