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‘विश्वविद्यालय की मांग जायज, दूर होगी छात्रों की परेशानी’

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‘विश्वविद्यालय की मांग जायज, दूर होगी छात्रों की परेशानी’
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- भाजयुमो ने भी किया विश्वविद्यालय की मांग का समर्थन
- बैठक कर इस मांग को शासन तक पहुंचाने का लिया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले में विश्वविद्यालय की मांग का समर्थन भाजयुमो ने भी किया है। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने बैठक कर इस मांग को शासन तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। इस मांग को लेकर अमर उजाला ने छात्र-छात्राओं की आवाज को शासन तक पहुंचाने के लिए एक मुहिम शुरू की है। इस मुहिम में छात्र-छात्राओं के साथ राजनैतिक संगठन और सामाजिक संगठनों ने भी अपना सहयोग देना शुरू कर दिया है।
जिले में विश्वविद्यालय की मांग को लेकर शनिवार भाजयुमो जिलाध्यक्ष लक्ष्मीराज सिंह ने कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई। बैठक में सभी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय की मांग को जायज ठहराया और कहा कि इस मांग से जिले के स्टूडेंट्स की सभी परेशानियां दूर होंगी और दूसरे जिलों में शिक्षा के लिए जाने से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने बताया कि भाजयुमो जिले में विश्वविद्यालय की मांग को शासन तक पहुंचाने का काम करेगा। मौके पर बैठक में सोनू, पुष्पेंद्र, होम गिरी, सूरज, अजय, सिद्धार्थ, अजहर, नागेंद्र पांडेय, ध्रुव, सोनू, कुलदीप, मनवीर आदि भाजयुमो कार्यकर्ता शामिल रहे।
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छात्र-छात्राओं के बोल
जिले में राजकीय और एडेड कालेजों की कमी है और विश्वविद्यालय की सबसे ज्यादा जरूरत है। अमर उजाला की ओर से शुरू की गई मुहिम सराहनीय है। इसके लिए सभी को आगे आना चाहिए। - आशा, गांव नयागांव।
12वीं पास के बाद चिंता बनी रहती है कि वह कहां प्रवेश लें। जिले के कालेजों में सीटें कम हैं और अधिकतर विद्यार्थी प्रवेश से वंचित रह जाते हैं। विवि बनेगा तो सभी विद्यार्थियों की समस्या दूर हो जाएंगी। - अंजली, गांव अगौता।
पीजी प्रथम वर्ष की कक्षाओं में प्रवेश के लिए सबसे अधिक परेशानी छात्राओं को होती है। अगर जिले में विवि बन जाए तो छात्राओं की परेशानी दूर होगी और उच्च शिक्षा का मौका मिलेगा। - ज्योति, मोहल्ला साठा।
गांव से संबंध रखने वाले अधिकतर छात्र-छात्राएं गरीब परिवार से संबंध रखते हैं। वह महंगी फीस देकर प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में चाहकर भी प्रवेश नहीं ले पाते। विवि बनने से सभी को प्रवेश का मौका मिलेगा। - अंजलि, गांव नयागांव।
जब भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू होती है तो प्रवेश के लिए मारामारी रहती है। विवि की ओर से जारी होने वाली मेरिट भी हाई होती है। अगर विवि बनता है तो किसी छात्र-छात्रा को प्रवेश की चिंता नहीं रहेगी। - असर खान, गांव सलैमपुर।
आधुनिक युग में उच्च शिक्षा जरूरी हो गई है, लेकिन जिले के कालेजों में सीट कम होने के कारण अधिकतर का यह सपना पूरा नहीं होता। इसलिए जिले मे विवि की मांग जायज है। - मोंटी ठाकुर, भूड़ क्षेत्र।
जिले के कालेजों में कम सीट होने के कारण छात्र-छात्राओं को आवेदन करते समय कई कालेजों का चुनाव करना पड़ता है। इसके बाद भी उन्हें प्रवेश नहीं मिलता है। विवि बनेगा तो प्रवेश की चिंता नहीं रहेगी। - राजकुमार, गांव मांगलौर।
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विवि बनने के बाद विद्यार्थियों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा, उन्हें अपने जिले के कालेजों में ही आसानी से प्रवेश मिल सकेगा। अभी तक कालेजों में कम सीटों के चलते विद्यार्थियों को खासी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। - प्रिंस चौहान, गांव सलैमपुर।
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