एसएमएस से शुरू हुई हाजिरी, अधिकतर शिक्षक अंजान
- आधे से अधिक स्कूलों ने नहीं भेजी एसएमएस से हाजिरी
- बीएसए ने लापरवाह शिक्षकों को दी आखिरी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। परिषदीय स्कूल भी खुल गए और स्कूल से बंक मारने वाले शिक्षकों पर नजर रखने के लिए एसएमएस से हाजिरी की भी शुरूआत हो चुकी है। लेकिन अभी आधे से अधिक स्कूल एसएमएस से हाजिरी नहीं भेज रहे हैं। इस पर बीएसए ने शिक्षकों को आखिरी चेतावनी दी है कि सभी स्कूलों को हरहाल में एसएमएस से हाजिरी भेजनी होगी।
परिषदीय स्कूलों में दी जाने वाली शिक्षा और शिक्षकों की कार्यप्रणाली किसी से छिपी हुई नहीं है। अधिकतर शिक्षक जहां शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं हैं, वहीं दूसरी ओर वह अफसरों को बिना बताए स्कूल से बंक मारने में भी पीछे नहीं रहते। इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ता है। ऐसे शिक्षकों पर शिकंजा कसने के लिए विगत वर्ष शिक्षकों से सेल्फी लेने की शुरूआत की थी। लेकिन इसमें भी कई बार खेल उजागर हुआ और शिक्षकों द्वारा स्कूल की एक ही सेल्फी कई-कई बार भेजने के मामले सामने आए। इतना ही नहीं 30 फीसदी से अधिक स्कूलों से कभी सेल्फी मिली ही नहीं। ऐसे स्कूली शिक्षकों का तर्क होता था कि जहां स्कूल हैं वहां नेट नहीं चलता है। शिक्षकों के तर्क और तरह-तरह की बहानेबाजी के चलते सेल्फी से हाजिरी लेने की योजना सफल नहीं हो पाई। इस बार डीएम अनुज कुमार झा ने सेल्फी को बंद कराकर एसएमएस से हाजिरी की शुरूआत करवाई है। इसके लिए स्कूल खुलने से पहले हेडमास्टरों को विशेष ट्रेनिंग देकर एसएमएस से हाजिरी भेजने का तरीका बता दिया गया था। अब स्कूल दो जुलाई को खुल गए और एसएमएस से हाजिरी की भी शुरूआत हो गई। लेकिन अभी तक आधे से अधिक स्कूलों ने एसएमएस से हाजिरी की शुरूआत नहीं भेजकर शिक्षक अंजान बने हुए हैं। उधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार का कहना है कि एसएमएस से हाजिरी न भेजने वाले शिक्षकों को एक आखिरी चेतावनी दी गई है कि हर स्कूल को एसएमएस से हाजिरी देनी होगी। यदि किसी स्कूल की हाजिरी नहीं मिलती है तो उस स्कूल के हैडमास्टर और शिक्षकों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। ऐसे स्कूलों को शनिवार तक का आखिरी मौका दिया जा रहा है।