जिले में 10 हजार बच्चे कुपोषण की लाल श्रेणी में शामिल
- जिला कैसे होगा कुपोषण मुक्त अफसरों नहीं दे पाए जवाब
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- सीडीओ ने जिले को कुपोषण मुक्त करने के लिए ली अफसरों की बैठक
अमर उजाला, ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले को कुपोषण से मुक्त करने के लिए विकास भवन के सभागार में सोमवार को सीडीओ की अध्यक्षता में अफसरों की बैठक ली। इस दौरान सीडीओ ने जब संबंधित अफसरों से प्रश्न पूछे तो वह जवाब नहीं दे पाए। इस पर सीडीओ ने जिले को कुपोषण मुक्त करने में सजगता बरतने के आदेश दिए।
सीडीओ ईशा दुहन ने बताया कि जिले में 10 हजार बच्चे कुपोषण की लाल श्रेणी में शामिल हैं, जबकि 30 हजार से अधिक बच्चे पीली श्रेणी में शामिल हैं। बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाला पोषाहार पिछले कई माह से नहीं मिल रहा। इसके चलते जिले को कुपोषण से मुक्त करने में परेशानी आ रही थी, लेकिन अब जिला प्रशासन ने मिशन पोषण के तहत जिले में पोषण मेले लगाकर कुपोषण से निजात दिलाने की पहल की है। इसके लिए गांव-गांव में पोषण वाटिका बनाई जाएंगी। वहीं कुपोषित बच्चों को दिए लाने वाले खाने का चार्ट बनाकर उनके अभिभावकों को वितरित किया जाएगा, जिससे वह उसी के अनुसार बच्चों को डायट दे सकें। इसके साथ ही खासकर महिलाओं को जागरूक करने के लिए भी अभियान चलेगा और स्कूलों के शिक्षक भी लोगों को जागरूक करेंगे।
गांव में लगेंगे विशेष कैंप, अधिकारी गोद लेंगे गांव
- हर माह की 15 तारीख को गांवों में विशेष कार्यक्रम होंगे। इतना ही नहीं अधिकारी गांव गोद लेकर उसे कुपोषण से मुक्त करेंगे। साथ ही जिले में यह भी पता लगाया जाएगा कि जिस परिवार में बच्चा कुपोषण से पीड़ित है। उस परिवार में शौचालय है या नहीं। अगर शौचालय नहीं है तो उस घर में शौचालय भी बनवाया जाएगा, जिससे परिवार का कोई सदस्य खुले में शौच न करें। इस काम में जिला कार्यक्रम अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। इस मौके पर बैठक में जिला जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभांगी कुलकर्णी, डीपीआरओ अमरजीत सिंह, जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. लक्ष्मी नारायण आदि मौजूद रहे।