350 गांवों में एक माह और झेलना होगा बिजली संकट
बुलंदशहर। आंधी-तूफान को एक माह बीतने के बाद भी बिजली विभाग अब तक 50 फीसदी लाइनों को भी ठीक नहीं कर सका है। अब तक कुल कुल क्षतिग्रस्त हुए 2974 खंभों में से महज 1446 खंभों को ही बदला जा सका है। ऐसे में शेष करीब 350 गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल होने में करीब एक महीने का समय और लग सकता है।
मई के शुरुआती हफ्ते में जिले में आए भयंकर तूफान ने पावर कॉरपोरेशन को 2.32 करोड़ का नुकसान पहुंचाया था। तूफान से 2974 बिजली के खंभे और करीब 60 हजार मीटर तार टूटने से बिजली सप्लाई व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। अफसरों ने सर्वे पूरा कराते हुए शीघ्र स्थिति सुधारने का दावा तो कर दिया, लेकिन करीब एक माह बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। अब तक विभाग द्वारा करीब 50 फीसदी टूटे तार, खंभों को ही ठीक कराया जा सका है। बताया जा रहा है कि स्टोर में सामग्री पर्याप्त मात्रा में नहीं है। इसके चलते करीब 350 गांवों में बिजली व्यवस्था पटरी पर लौटने में करीब एक माह का समय और लग सकता है। विभाग के स्टोर से मिली जानकारी के अनुसार स्टोर में इतनी सामग्री मौजूद ही नहीं है कि अफसरों को समय से उपलब्ध करा दी जाए। प्रतिदिन करीब 70-75 खंभे ही अफसरों को मिल रहे हैं, जबकि क्रॉस आर्म मात्र 150 ही विभाग के स्टोर में मौजूद हैं। हालांकि अफसर दावा कर रहे हैं कि 1710 क्रॉस आर्म अगले दो से तीन दिनों में मिल जाएंगी। जबकि 90 किमी तार विभाग को तीन दिन पहले ही मिला है। करीब एक महीने में स्टोर से विभाग को 1446 पोल, 780 आर्म और महज 200 मीटर तार मिला है।
इन क्षेत्रों में सर्वाधिक समस्या
13 मई को आए तूफान के बाद अब तक शिकारपुर, जहांगीराबाद, अनूपशहर, अहार, बीबीनगर, स्याना क्षेत्र के करीब 350 गांवों में पर्याप्त बिजली सप्लाई लोगों को नहीं दी जा रही है। यदि इसी रफ्तार से कार्य किया गया तो अगले एक माह में स्थिति ठीक हो सकेगी।
बिना सिंचाई के सूख रहे खेत
गांवों में किसानों को पर्याप्त बिजली न मिलने से काफी परेशानी हो रही है। सिंचाई के अभाव में खेत सूख रहे हैं तो खेतों में खड़ी फसल पर भी बुरा असर हो रहा है।
आदेशों के सापेक्ष आधी मिल रही सप्लाई
यूं तो शासन ने गांवों में 18 घंटे बिजली सप्लाई के आदेश दिए हैं, लेकिन फिलहाल आदेशों के सापेक्ष आधी बिजली सप्लाई ही लोगों को मिल पा रही है। 8-10 घंटे बिजली सप्लाई और वह भी निर्धारित समय पर न मिलने से किसानों की मुसीबत दोगुनी हो रही है।
विभाग के पास जर्जर तार व खंभे बदलने के लिए पर्याप्त सामग्री है। जर्जर खंभों को बदलने का कार्य किया जा रहा है। जल्द ही लोगों को पर्याप्त सप्लाई भी दी जाएगी। - आरपीएस तौमर, चीफ इंजीनियर
स्टोर को प्रतिदिन 75 खंभे ही मिल रहे हैं, जिन्हें अफसरों को दे दिया जाता है। क्रॉस आर्म भी स्टोर में केवल 150 बची हैं। जबकि तीन दिन पहले ही 90 किमी तार विभाग को मिला है। - एके गुप्ता, एई, स्टोर