एडीएम तक पहुंचा बिना टेंडर के सेंसर लगाने का मामला
- नगर पालिका द्वारा शहर की स्ट्रीट लाइटों पर लगाए जा रहे हैं सेंसर
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। नगर पालिका परिषद द्वारा बिना टेंडर प्रक्रिया पूरी किए स्ट्रीट लाइटों पर सेंसर लगाने का मामला एडीएम के पास पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि अब एडीएम द्वारा मामले में जांच के लिए टीम गठित करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में कोई जांच कमेटी नहीं बनाई गई थी।
नगर पालिका द्वारा शहर की स्ट्रीट लाइटों पर बिना टेंडर प्रक्रिया के सेंसर लगाने का मामला प्रकाश में आया था। लाइटों पर सेंसर लगाने का प्रस्ताव न तो बोर्ड में रखा गया और न ही सेंसर लगाने के लिए ठेकेदारों को निविदाएं आमंत्रित की। प्रकरण अखबारों की सुर्खियां में आने के बाद अफसरों में हड़कंप मच गया। सूत्रों ने बताया कि नगर की पांच हजार स्ट्रीट लाइटों और सौ हाईमास्क लाइटों पर सेंसर लगाया जा रहा है। पालिका द्वारा लगाए जा रहे सेंसर की कीमत 300 से 500 रुपये तक है। ऐसे में करीब 30 लाख रुपये की धनराशि का टेंडर निकाले बिना ही अफसरों ने चहेते ठेकेदार को टेंडर देकर कार्य शुरू करा दिया। बताया जा रहा है कि अभी तक शहर की करीब 800 लाइटों पर सेंसर लगाए जा चुके हैं। अब पूरा मामला एडीएम दफ्तर पहुंचने पर पालिका अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती है। एडीएम प्रशासन अरविंद मिश्र ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। इसके लिए जांच टीम गठित कर जांच कराई जाएगी। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।