बजट के अभाव में अटका तीनों रोडवेज बस अड्डों का निर्माण
- बुलंदशहर अड्डे के जीर्णोद्धार को मिले चार करोड़, 2.84 करोड़ हैं बाकी
- खुर्जा बस अड्डे को भी मिले चार करोड़, 2.50 करोड़ बाकी
- सिकंदराबाद बस अड्डे को अभी मिलने हैं दो करोड़, चार करोड़ हुए खर्च
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
नगर के पुराने रोडवेज बस अड्डे और खुर्जा, सिकंदराबाद के बस अड्डों का जीर्णोद्धार अधर में लटक गया है। निर्माण कराने वाली कंपनी को मार्च 2018 तक निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बजट की कमी के कारण अब तक आधे से अधिक कार्य कार्य ही पूरा हो पाया है।
सपा के शासन में बुलंदशहर, सिकंदराबाद और खुर्जा में पुराने बस अड्डे का जीर्णोद्धार कर नया भवन बनाने के आदेश जारी किए गए थे। नए भवन निर्माण का काम सपा शासन में ही वर्ष 2016 में शुरू हो गया था। भवन का निर्माण यूपी स्टेट कांस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा करवाया जा रहा है। दो वर्ष से कार्य शुरू होने के बाद अब तक आधे से अधिक कार्य पूरा हो पाया है। अब बजट के अभाव में इनके निर्माण में अभी काफी समय लग सकता है। बताया गया कि बुलंदशहर रोडवेज बस अड्डे के जीर्णोद्धार के लिए 6.84 करोड़ की राशि खर्च होनी थी। इसमें से अभी चार करोड़ की ही राशि प्राप्त हुई है, जबकि 2.84 करोड़ की राशि शेष बची है। इसी तरह खुर्जा बस अड्डे के जीर्णोद्धार पर 6.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे और अभी तक चार करोड़ ही मिल पाए हैं। जबकि 2.50 करोड़ का बजट शेष है। इसके अलावा सिकंदराबाद के बस अड्डे के निर्माण पर छह करोड़ खर्च होंगे और चार करोड़ ही प्राप्त हुए हैं, जबकि दो करोड़ का बजट अभी शासन से नहीं मिलने पर काम अटक गया है। अफसरों का कहना है कि यदि बजट समय पर मिल जाता तो तीनों बस अड्डों के जीर्णोद्धार का काम समय पर हो जाता।
सड़क पर खड़ी हो रहीं बस, यात्रियों को भी हो रही परेशानी
बुलंदशहर, खुर्जा और सिकंदराबाद के बस अड्डों के जीर्णोद्धार का काम समय पर पूरा नहीं होने के कारण बस सड़कों पर खड़ी हो रही हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस सड़क पर खड़ी होने से जाम की समस्या बन जाती है और यात्रियों खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को बसों के इंतजार में बैठने के लिए जगह नहीं होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोट
तीनों भवन निर्माण का आधे से अधिक काम पूरा हो चुका है। शेष राशि प्राप्त करने के लिए शासन को डिमांड भेज दी गई है। शेष राशि मिलने पर भवनों का निर्माण जल्द पूरा कर लिया जाएगा। - आरपी सिंह, जेई, यूपी स्टेट कांस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलेपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड।
अब तक नए भवन का निर्माण हो जाना चाहिए था। भवन निर्माण की जारी की गई अंतिम तिथि निकल चुकी है। बजट समय पर नहीं मिलने के कारण काम रुका हुआ है। निर्माण कार्य रुकने के कारण बसों को खड़ा करने के लिए जगह भी नहीं है। - एसपी सिंह, एआरएम, बुलंदशहर डिपो।