अब ‘लक्ष्य’ से आएगी मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी
- जिला महिला अस्पताल को किया जाएगा सुविधाओं से लैस
- लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में लगेंगे आधुनिक उपकरण
चेतन शर्मा
बुलंदशहर। सरकारी अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने मातृ एवं शिशु मृत्युदर में कमी लाने के लिए लक्ष्य नाम से एक नई योजना शुरू की है। इस योजना के तहत जिला महिला अस्पताल को शामिल किया गया है। इसके बाद अब मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। अब लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में प्रसूताओं को आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर सरकार के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है। मातृ एवं शिशु मृत्युदर को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने लक्ष्य नामक योजना शुरू की है। योजना में जिला महिला अस्पताल को शामिल किया गया है, जिसके तहत अस्पताल के लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में आधुनिक उपकरणों की सुविधाओं के साथ प्रसव से जुड़ी नई तकनीकी का प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही प्रसव के दौरान महिलाओं को आरामदायक सुविधा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए है। इस संबंध में जिला महिला अस्पताल की क्वालिटी मैनेजर डॉ. अंजलि ने कहा कि लक्ष्य योजना के तहत शासन ने 30 अप्रैल तक रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में 70 फीसदी अंक मिलने पर अस्पताल के निरीक्षण के लिए टीम पहुंचेगी। इसके बाद अस्पताल को लक्ष्य प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। जिससे मरीजों को राहत मिलेगी।
प्रसव कक्ष में सुविधाओं का होगा मूल्यांकन
- लेबर रूम और ऑपरेशन थिएटर में गुणवत्ता की सुधार का मूल्यांकन राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक के माध्यम से किया जाएगा।
- मूल्यांकन में 70 फीसदी अंक प्राप्त करने वाली प्रत्येक सुविधा को लक्ष्य प्रमाणित सुविधा के रुप में प्रमाणित किया जाएगा।
- मूल्यांकन में 90, 80 एवं 70 फीसदी से अधिक स्कोर प्राप्त करने वाली सुविधाओं को प्लैटिनम, गोल्ड और सिल्वर बैज दिए जाएंगे।
- मूल्यांकन में प्रमाणपत्र प्राप्त करने पर दो लाख रुपये से लेकर छह लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।