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ब्रजनाथपुर मिल ने छह क्रय केंद्र किए बंद, होगी एफआइआर

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ब्रजनाथपुर मिल ने छह क्रय केंद्र किए बंद, होगी एफआईआर
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- बिना सूचना दिए तौल बंद करने पर डीसीओ ने दिए आदेश
- जिला गन्ना अधिकारी के अनुसार संबंधित क्षेत्र के थाने में कराई जाएगी रिपोर्ट दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
हापुड़ की ब्रजनाथपुर मिल ने जिले में संचालित छह क्रय केंद्र बंद कर दिए हैं। इतना ही नहीं गन्ना पर्ची का इंडेंट भी जारी नहीं किया गया है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। जिला गन्ना अधिकारी ने शुक्रवार को मिल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश जारी कर दिए हैं। रिपोर्ट संबंधित थाने में दर्ज करवाई जाएगी।
बुलंदशहर जिले में गन्ना उत्पादक किसानों की संख्या 90 हजार से अधिक है। इस बार 54 हजार हेक्टेयर से अधिक गन्ना की फसल उगाई गई और चार करोड़ क्विंटल से से अधिक गन्ने की पैदावार हुई। सरकारी नियमानुसार कुल फसल उत्पादन के 85 फीसदी गन्ने को आठ चीनी मिलों को पेराई का लक्ष्य आवंटित किया गया। इन मिलों में जिले की साबितगढ़, अनामिका, अनूपशहर और वेव के अलावा हापुड़ की ब्रजनाथपुर, गंगा पार की रजपुरा, सिम्भावली और अमरोहा के चंदनपुर की चीनी मिल शामिल हैं। हापुड़ की ब्रजनाथपुर चीनी मिल के शुरू होने पर भी क्रय केंद्र समय पर नहीं चलने की शिकायत मिली थी और विगत वर्ष का बकाया गन्ने का भुगतान भी समय पर नहीं किया था। इस पर जिला गन्ना अधिकारी ने मिल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। बावजूद इसके मिल के हालात नहीं सुधरे। अब मिल ने बिना सूचना दिए छह क्रय केंद्र बंद कर दिए। इतना ही नहीं विभाग और किसानों को बिना सूचना दिए गन्ना पर्ची का इंडेंट जारी नहीं किया। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय अभी लगभग 30 लाख क्विंटल गन्ना खरीद का दावा कर रहा है। जबकि जिले के खेतों में अब भी 60 लाख क्विंटल के आसपास गन्ना खड़ा है और किसान पर्ची के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। इसकी शिकायत मिलने पर अब जिला गन्ना अधिकारी ने मिल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर के आदेश जारी कर दिए हैं।
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25 गांवों के किसान हैं प्रभावित
हापुड़ की ब्रजनाथपुर शुगर मिल को गन्ना पेराई के लिए गुलावठी क्षेत्र के करीब 30 क्रय केंद्र आवंटित किए गए। अब मिल ने बिना सूचना दिए मोलाबाद, रिटौली, गाजीपुर, भटौना और खुशहालपुर के गन्ना क्रय केंद्र को बंद करा दिया। इससे करीब 25 गांवों के किसान प्रभावित हुए। किसानों का कहना है कि उनका गन्ना खेत में खड़ा है और क्रय केंद्रों पर तौल बंद हो गई। ऐसे में उनकी समझ में नहीं आ रहा कि अब वह गन्ना कहां लेकर जाएं। किसानों ने इसकी शिकायत जिला गन्ना अधिकारी से की है।

ब्रजनाथपुर चीनी मिल ने बिना सूचना दिए गुलावठी क्षेत्र के छह गन्ना क्रय बंद करवा दिए। किसानों की शिकायत मिली है। मिल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश जारी कर दिए हैं। किसानों का पूरा गन्ना खरीदने के बाद ही मिलें बंद होंगी। - एपी सिंह, जिला गन्ना अधिकारी, बुलंदशहर

तौल बंद होने पर भड़के किसान, लगाया जाम
- गाजीपुर क्रय केंद्र का मामला, भड़के किसानों को देखकर भागा केंद्र संचालक
- जिला गन्ना अधिकारी के आदेश पर पहुंचे ब्रजनाथपुर मिल के अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
गुलावठी क्षेत्र के गांव गाजीपुर स्थित क्रय केंद्र पर शुक्रवार को तौल नहीं होने पर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए किसानों ने केंद्र के सामने गुलावठी-अहमदाबाद रोड पर जाम लगा दिया। किसानों का उग्र रूप देखकर क्रय केंद्र संचालक मौके से भाग गया। करीब दो घंटे बाद जिला गन्ना अधिकारी के आदेश पर ब्रजनाथपुर मिल के अफसर मौके पर पहुंचे। इसके बाद किसान शांत हुए।
गांव गाजीपुर में हापुड़ की ब्रजनाथपुर चीनी मिल का क्रय केंद्र संचालित है। किसानों का आरोप है कि मिल ने बिना किसी कारण बताए क्रय केंद्र को बंद कर दिया और गन्ना पर्ची भी जारी नहीं की। जब इसकी सूचना उन्हें मिली और वह क्रय केंद्र संचालक से मिलने पहुंचे तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने सड़क पर जाम लगा दिया। इससे सड़क पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने जिला गन्ना अधिकारी को इसकी जानकारी दी। जिला गन्ना अधिकारी ने ब्रजनाथपुर चीनी मिल में संपर्क कर क्रय केंद्र संचालक को भेजकर गन्ना तौल करवाने के आदेश दिए। केंद्र पर पहुंचे मिल के अफसरों ने किसानों को तौल कराने और इंडेंट जारी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही जाम खुला।
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अफसर की फटकार के बाद इंडेंट किया जारी
बुलंदशहर। तकनीकी खराबी का हवाला देते हुए वेव शुगर मिल ने चार दिन मिल बंद रखी। साथ ही किसानों को इंडेंट नहीं जारी किया। मामला अफसरों के संज्ञान में आने पर और अफसरों की फटकार के बाद मिल ने किसानों को इंडेंट जारी करना शुरू कर दिया है। जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि मिल अफसरों की सुस्ती के चलते गन्ना पर्ची का इंडेंट जारी नहीं हुआ। मिल नहीं चलने से किसानों को परेशानी हुई। इंडेंट जारी कराकर और मिल को शुरू करवाने के आदेश जारी करते हुए किसानों की समस्या को दूर कर दिया गया है। वेव शुगर मिल के महाप्रबंधक केपी सिंह ने बताया कि मिल शुरू करवा दी गई है। इंडेंट भी जारी हो गया है।
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