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पट्टे पर ली है जमीन तो गेहूं नहीं खरीदेगी सरकार

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पट्टे पर ली है जमीन तो गेहूं नहीं खरीदेगी सरकार
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- छोटे किसानों को गेहूं की बिक्री करने में झेलनी पड़ेगी परेशानी
- बिचौलियों को खत्म करने के लिए शासन ने बनाया नियम
- सरकार के नियम में पिसेंगे छोटे और मंझले किसान
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अगर आपने लीज या पट्टे पर जमीन लेकर गेहूं की खेती की है तो इस बार सरकार आपसे गेहूं की खरीद नहीं करेगी। इसके लिए शासन ने आदेश जारी कर बताया कि सिर्फ किसानों की जमीन के अनुसार ही उनसे गेहूं खरीदा जाएगा। ऐसे में पट्टे पर जमीन लेकर खेती करने वाले छोटे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शासन द्वारा जिले में गेहूं खरीद के लिए सरकारी क्रय केेंद्र बनाए गए हैं। इन क्रय केंद्रों पर सरकारी दरों से गेहूं की खरीद की जाएगी। बिचौलियों का खेल खत्म करने के लिए सरकार ने एक नया कदम उठाया है, जिससे बिचौलिये खत्म हो जाएंगे, लेकिन छोटे और मंझले किसानों को नुकसान झेलना पड़ेगा। दरअसल सरकार ने नियम बनाया है कि किसानों से उतना गेहूं ही खरीदा जा सकेगा, जितनी किसान के पास जमीन उपलब्ध है। इसके लिए शासन ने मानक निर्धारित करते हुए प्रति हेक्टेयर 48.6 कुंतल गेहूं खरीद के ही आदेश जारी किए हैं, जबकि जिले में हजारों की संख्या में ऐसे किसान हैं जिनके पास अपनी जमीन के नाम पर दो-चार बीघा ही जमीन है और उन्होंने पट्टे पर जमीन लेकर खेती की हुई है। ऐसे किसानों के क्रय केंद्र पर पहुंचने की दशा में केंद्र पर तैनात कर्मचारी मानक के हिसाब से ही गेहूं की खरीद करेंगे। जिले को शासन ने 60500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया है। जिला कृषि अधिकारी अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि जिले में करीब 20 से 25 फीसदी किसान ऐसे हैं जो जमीन लीज या पट्टे पर जमीन लेकर गेहूं की बुुआई किए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार ने बिचौलियों के खेल को खत्म करने के लिए यह कदम उठाया है। जिला खाद्य विपणन अधिकारी अविनाश चंद्र सागरवाल ने बताया कि किसानों की जमीन के हिसाब से ही गेहूं खरीद के लिए शासन के आदेश मिले हैं। इसके लिए शासन ने प्रति हेक्टेयर 48.6 कुंतल खरीद का मानक तय किया है। बिचौलियों का खेल खत्म करने के लिए शासन ने यह आदेश जारी किए हैं।
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खेत स्वामी के खाते में जाएगी गेहूं की धनराशि
पट्टे की जमीन पर पैदा किए गए गेहूं की बिक्री के बाद उसकी धनराशि खेत मालिक के खाते में ही हस्तांतरित की जाएगी। इससे जमीन लेने वाले पक्ष को धनराशि प्राप्त करने के लिए खेत मालिक के चक्कर काटने पड़ेंगे।
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---क्रय केंद्र पर भी करा सकेंगे पंजीकरण
गेहूं खरीद की धनराशि खाते में पाने के लिए पंजीकरण न कराने वाले किसानों को परेशानी नहीं होगी। शासन ने गेहूं क्रय केंद्रों पर ही पंजीकरण किए जाने की व्यवस्था की है। इसके लिए किसानों को खसरा खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक साथ लेकर आना होगा।
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