वित्त विहीन शिक्षकों का बहिष्कार जारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंशहर। यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान मानदेय बंद करने से खफा वित्त विहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन का बहिष्कार जारी रखा।
जिले में पांच केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 17 मार्च से शुरू हुआ है। इससे पूर्व ही प्रदेश माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा के आह्वान पर वित्त विहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन के बहिष्कार की घोषणा की थी। इसके चलते पहले दिन से ही वित्त विहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन का बहिष्कार कर केंद्रों के बाहर धरना दिया था, जो सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। महासभा के उपाध्यक्ष राजेंद्र गौड़ ने बताया कि शासन से उनका मानदेय रोकने से शिक्षक खफा है और मानदेय दोबारा शुरू करवाने के समर्थन में मूल्यांकन का बहिष्कार किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, तब तक बहिष्कार और मूल्यांकन केंद्रों पर धरना जारी रहेगा। जिला विद्यालय निरीक्षक ने माना कि वित्त विहीन शिक्षकों द्वारा मूल्यांकन न करने से इस काम में देरी होगी। अगर बहिष्कार जारी रहा तो मूल्यांकन का काम विभागीय शिक्षकों से ही करवाया जाएगा।
रोजाना नहीं हो रहा 30 हजार उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन
- बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 2241 शिक्षकों की ड्यूटी लगी है। यह शिक्षक एक लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का रोजाना मूल्यांकन करते, लेकिन इनमें शामिल 750 वित्त विहीन शिक्षक मूल्यांकन नहीं कर रहे। ऐसे में रोजाना 30 हजार से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं हो रहा। बोर्ड के नियमानुसार एक शिक्षक को रोजाना हाईस्कूल की 50 और इंटर की 40 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करना है। जिले में 10 लाख से अधिक उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होना है।