निष्पादन अनुदान से गांवों के विकास में लगेंगे चार चांद
- विकास कार्य में अव्वल आने पर ग्राम पंचायतों को मिलेगा अनुदान
- 14वें वित्त आयोग से होने वाले विकास कार्यों में चार बिंदु होंगे शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
14वें वित्त आयोग से होने वाले विकास कार्यों में अव्वल आने पर ग्राम पंचायतों को शासन निष्पादन अनुदान का तोहफा देने जा रहा है। इससे विकास कार्य होने के बाद गांवों में अन्य कार्य भी करवाए जा सकेंगे। इसके लिए विकसित ग्राम पंचायतों को आवेदन कर चार प्रमुख शर्तों को पूरा करना होगा।
शासन की ओर से 14वें वित्त आयोग से जिले की 951 ग्राम पंचायतों को पहली किस्त के 50 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। इस राशि में से 45 करोड़ रुपये गांव के विकास कार्यों पर खर्च होने हैं। सभी ग्राम पंचायतों के पास राशि पहुंच गई है। अफसरों के मुताबिक विकास कार्य की राशि में से 90 फीसदी राशि ग्राम पंचायत को उपलब्ध करवाई जाती है। इसमें से शेष 10 फीसदी राशि रोक ली जाती है और आवश्यकता के अनुसार खर्च की जाती है। अब इस राशि को उन ग्राम पंचायतों को निष्पादन अनुदान के रूप में देने का निर्णय लिया है, जो विकास कार्यों में अव्वल रहेंगी। इसके लिए गांव में कराए गए विकास कार्यों के बाद ग्राम पंचायत को आवेदन करना होगा। आवेदन कराने के लिए विभाग की ओर से समस्त विकास खंडों में तैनात सहायक विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत सचिवों को आवेदन हेतु प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
यह चार बिंदु करने होंगे पूरे
1. ग्राम पंचायतों को वित्तीय वर्ष 2014-15 व 2015-16 की ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करनी होगी।
2. पूर्ववर्ती वर्ष की तुलना में अपने राजस्व में बढ़ोत्तरी दर्शानी होगी। जैसा कि ऑडिट रिपोर्ट में दर्शाया गया है। (वर्ष 2014-15 की सापेक्ष वर्ष 2015-16 की स्थिति)।
3. कार्य निष्पादन अनुदान के वर्ष में ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) को पूरा कर प्लान प्लस पोर्टल पर अपलोड करना।
4. कार्य निष्पादन अनुदान का दावा किए जाने वाले वर्ष के पूर्व के वर्ष 2016-17 का 14वें वित्त आयोग अनुदान का कार्यवार व्यय को द्घद्घष्शठ्ठद्यद्बठ्ठद्ग.द्दश1.द्बठ्ठ वेबसाइट पर दर्शाना।
विकास कार्यों में अव्वल ग्राम पंचायतों को निष्पादन अनुदान मिलेगा। इससे गांव के विकास को चार चांद लगेंगे। - अमरजीत सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी।