अब दिव्यांग शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की होगी जांच
- पांच शिक्षकों के संदिग्ध प्रमाण पत्रों की जांच में जुटे अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। शिक्षा विभाग के अफसर फर्जी डिग्री के मामले में अब दिव्यांग शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच में जुटे हैं। सूत्रों ने दावा किया है कि पांच शिक्षकों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं। इन दिव्यांग शिक्षकों की जांच के लिए मेडिकल टीम का गठन किया जाएगा जो कि इनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन करेगी।
करीब 10 वर्ष पूर्व वित्त वर्ष 2007-08 में दिव्यांग शिक्षकों की भर्ती विशिष्ट बीटीसी के तहत की गई थी। अफसरों के मुताबिक दिव्यांगों की समय-समय पर मेडिकल जांच की जाती है। आठ वर्ष पूर्व हुई जांच में कई दिव्यांग शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का सत्यापन किए जाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था, जिसको लेकर कई लोगों ने शासन से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर वह कोर्ट की शरण में चले गए थे। इसके बाद कोर्ट ने इन शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन के आदेश दिए थे। आदेश मिलने पर अब बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों के दस्तावेजों के सत्यापन के आदेश दिए हैं। बताया जा रहा है कि जिले में करीब 125 दिव्यांग शिक्षक तैनात हैं। सूत्रों ने दावा किया है कि पांच दिव्यांग शिक्षकों के प्रमाण पत्र शक के घेरे में हैं, जिसके चलते खंड शिक्षा अधिकारियों ने बीएसए को पांचों शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए नाम भेजे हैं। बीएसए अजीत कुमार ने बताया कि शासन के आदेश प्राप्त हुए हैं। सभी दिव्यांग शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है। फर्जी पाए जाने पर कार्रवाई अवश्य की जाएगी।