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शहीद के नाम से पैतृक गांव में अस्पताल की मांग पूरी

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शहीद के नाम से पैतृक गांव में अस्पताल की मांग पूरी
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- अस्पताल बनवाने के लिए प्रशासन से कब्जामुक्त कराई ग्राम सभा की भूमि
- कानूनगो सहित अन्य अफसर और पुलिस रही मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर/शिकारपुर। जम्मू के सांबा बार्डर पर पाक सेना से लोहा लेते हुए शहीद जगपाल सिंह के पैतृक गांव भैंसरौली नारिसरपुर में अस्पताल की मांग पूरी हो गई है। शहीद के नाम अस्पताल बनाने के लिए ग्राम सभा की भूमि को सोमवार को कब्जा मुक्त कराया गया। यह कार्रवाई कानूनगो सहित अन्य अफसर और पुलिस की मौजूदगी में की गई। अब अस्पताल बनने का रास्ता साफ हो गया है।
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गांव भैंसरोली नासिरपुर निवासी जगपाल सिंह बीएसएफ में हेड कांस्टेबल थे। वह विगत शुक्रवार को पाक सेना से लोहा लेते हुए शहीद हो गए थे। परिजनों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव में शहीद के नाम से अस्पताल बनवाने की मांग की थी। इस पर डीएम डा. रोशन जैकब ने अस्पताल के लिए ग्राम सभा की भूमि का प्रस्ताव मांगा था। ग्राम प्रधान राजीव शर्मा ने ग्राम सभा की भूमि का प्रस्ताव बनाकर प्रशासन को दे दिया था, लेकिन इस पर कुछ ग्रामीणों का कब्जा था। डीएम के आदेश पर कानूनगो गुलबीर सिंह के साथ प्रशासनिक अफसर और पुलिस की टीम ने गांव में पहुंचकर भूमि को कब्जा मुक्त कराया। इस दौरान कब्जा करने वाला कोई भी ग्रामीण विरोध करने का साहस नहीं जुटा पाया। वहीं, दूसरी ओर ग्राम प्रधान राजीव शर्मा ने बताया कि शहीद के परिजनों को भूमि भी दान दी जाएगी। इसकी जानकारी प्रशासन की ओर से मिली है। वहीं आदेश जारी हुआ है कि गांव में जहां भी ग्राम सभा की भूमि हो, उसकी जानकारी दी जाए, जिससे उस जमीन को शहीद के परिवार के नाम किया जा सके। इसके साथ गांव में अन्य विकास कार्य भी जल्द कराने के लिए जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया है।
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