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भ्रष्टाचार और शोषण के खिलाफ सड़क पर उतरे शिक्षक

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भ्रष्टाचार और शोषण के खिलाफ सड़क पर उतरे शिक्षक
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- माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) ने राजेबाबू पार्क में किया प्रदर्शन
- शिक्षक आत्महत्या मामले में डीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
माध्यमिक शिक्षक संघ (ठकुराई गुट) के शिक्षकों ने मंगलवार को राजेबाबू पार्क में धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने डीएम को ज्ञापन देकर पब्लिक इंटर कालेज जौलीगढ़ के शिक्षक के आत्महत्या और विभाग में फैले भ्रष्टाचार, शोषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जिलाध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि अध्यापक बिजेंद्र सिंह के आत्महत्या के मामले ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की पोल खोल दी है। लाखों रुपये की रिश्वत लेने के बाद भी उसे वेतन नहीं दिया जा रहा था। लगातार उसे रिश्वत देने के लिए परेशान किया जा रहा था। इस मामले को लेकर शिक्षक संघ ने भ्रष्टाचार और शोषण के खिलाफ आवाज उठा रहा है। यदि इस मामले में किसी भी तरह की लड़ाई लड़नी पड़ी तो संघ इससे पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारी और स्कूल प्रबंधन को शिक्षक की मौत का जिम्मेदार बताया। उपाध्यक्ष रामआसरे, संरक्षक सुरेश गुप्ता आदि ने बताया कि इस पूरे मामले से शिक्षक समाज सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हो गया है। इसके बाद सभी शिक्षक प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट और जिला विद्यालय कार्यालय पहुंचकर भ्रष्टाचार और शोषण के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान डॉ. ज्ञान प्रकाश, सोमवीर सोलंकी, डॉॅ. अजय कुमार, शैलेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य नंद लाल यादव, रविंद्र सिंह सिसौदिया, विनय वर्मा और जयकरण यादव आदि शिक्षक मौजूद रहे।
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परिजनों ने दी तहरीर, अवैध वसूली का आरोप
मृतक शिक्षक के भाई मनोज कुमार पुलिस को दी तहरीर में जिला विद्यालय से लेकर स्कूल प्रबंधन तक नियुक्ति कराने और वेतन निकलवाने के लिए दी गई अवैध वसूली का जिक्र करते हुए अधिकारी, बाबू और प्रबंधन समिति के सदस्यों के खिलाफ शोषण करने, अपमानित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की है। मामले में पुलिस का हना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांचकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आरोप लगने पर बाबुओं के काम में फेरबदल की तैयारी
शिक्षक नेताओं और अध्यापकों द्वारा लगाए गए रिश्वत मांगने के आरोप के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने बाबुओं के काम में फेरबदल करने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर मंगलवार को पूरे दिन विभाग में खलबली मची रही। सभी की जुबां पर कुछ बाबुओं की खास चर्चा भी सामने आई। कुल मिलाकर इस मामले में विभाग के कुछ बाबुओं को कठघरे में खड़ा करते हुए लगाए गए आरोपों को सही बताया जा रहा है।

अध्यापक की मौत के बाद ही जागा शिक्षक संघ
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में अवैध वसूली के साथ कई संगीन आरोप के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। मगर, कभी किसी ने कोई आवाज नहीं उठाई। अब जब शिक्षक ने आत्महत्या की तो शिक्षक संध भी जाग गया। मगर, इस पर भी राजनीति भारी पड़ रही है। शिक्षक नेता भी एक-दूसरे पर सवाल उठाने लगे हैं। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष आनंद शर्मा का कहना है कि उन्होंने लगाए गए आरोपों के चलते कई बार जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना देकर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। अब जब अध्यापक ने आत्महत्या का कदम उठाया तो एमएलसी सहित प्रदेश भर के शिक्षक नेताओं को उन्होंने ही पीड़ित परिवार को न्याय दिलवाने के साथ आरोपी अधिकारियों और बाबुओं पर कार्रवाई की पहल की है।
शोकसभा के बाद बंद हो गए आधे से अधिक स्कूल
अध्यापक की आत्मिक शांति के लिए सोमवार को माध्यमिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में शोकसभा हुई। इसके बाद आधे से अधिक विद्यालय बंद हो गए। जिले में 368 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। इसकी घोषणा सोमवार को ही एमएलसी की ओर से की जा चुकी थी। इसके चलते मंगलवार को शोकसभा के बाद आधे से अधिक स्कूल बंद हो गए। जबकि शेष संचालित रहे।


प्राथमिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने भी उठाई आवाज
बुलंदशहर। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में अवैध वसूली और शिक्षकों के उत्पीड़न के आरोप के बाद जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में भी आवाज उठने लगी है। प्राथमिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन उप्र ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र देकर शिक्षकों का उत्पीड़न बंद करने और उनकी लंबित मांगों व समस्याओं को दूर करने की मांग की है।
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प्राथमिक शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रांतीय उपाध्यक्ष वेदप्रकाश गौतम ने बताया कि उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र देकर बताया कि जिले में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों का भी निलंबन करने और निरीक्षण के नाम पर कार्रवाई के लिए डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग में कोई भी काम बिना सुविधा शुल्क लिए नहीं किया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षकों को इसी तरह परेशान किया जाता रहा तो इसके विरोध में एसोसिएशन आंदोलन करने को मजबूर होगा। उधर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का कहना है कि लगाए जा रहे आरोप गलत हैं और सभी कार्रवाई नियमानुसार ही की जा रही हैं। यदि अवैध वसूली हो रही है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा।
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