दूसरी मिलों के चल रहे क्रय केंद्रों पर होगी वेव शुगर के लिए गन्ने की तौल
- वेव मिल के पास थे 50 क्रय केंद्र, अब पेराई क्षमता के आधार पर मिलेंगे क्रय केंद्र
- गन्ना सहकारी समिति के सचिव पहुंचे मिल, मिल प्रबंधन के साथ बनाई रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। वेव शुगर मिल को चलाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मिल के लिए गन्ने की तौल पहले से चल रहे दूसरी मिलों के क्रय केंद्र पर होगी। वहीं, गन्ना सहकारी समिति के सचिव ने शुक्रवार मिल पहुंचकर मिल प्रबंधन के साथ रणनीति बनाई। अफसरों का दावा है कि मिल अब निर्धारित किए गए समय पर ही चलेगी।
वेव शुगर मिल जब चल रही थी तो उस समय मिल के पास 50 क्रय केंद्र थे। पिछले वर्ष बंद होने के कारण इन क्रय केंद्रों को जिले की दूसरी चीनी मिलों को आवंटित कर दिया था। इस बार भी अभी तक इन क्रय केंद्रों पर दूसरी मिलों द्वारा ही गन्ना खरीदा जा रहा है। अब जब वेव शुगर मिल चलने की तैयारी शुरू हो गई तो उसे भी अब गन्ना खरीद के लिए क्रय केंद्र चाहिए। इसके लिए प्रशासन की ओर से मिल को उन्हीं क्रय केंदों से गन्ना तौल करने के आदेश किए गए हैं, जिन पर दूसरी मिलों द्वारा गन्ना खरीदा जा रहा है। अभी तक क्रय केंद्रों का निर्धारत नहीं किया। मगर, पेराई क्षमता के आधार परन क्रय केंद्र मिलेंगे। इन क्रय केंद्रों की संख्या 30 के आसपास हो सकती है। इसके लिए शुक्रवार को गन्ना सहकारी समिति के सचिव दिनेश चंद्र यादव ने मिल पहुंचकर मिल प्रबंधन के साथ बैठक कर रणनीति बनाई। इस दौरान मिल चलाने और मिल को गन्ना उपलब्ध करवाने के साथ कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। उधर, जिला गन्ना अधिकारी एपी सिंह का कहना है कि वेव शुगर मिल हर हाल में निर्धारित 21 जनवरी तक शुरू हो जाएगी। इसके लिए लगातार अफसर मिल प्रबंधन से संपर्क साधे हुए हैं।