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जैविक खाद और रसायन पर अनुदान देगी सरकार

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जैविक खाद और रसायन पर अनुदान देगी सरकार
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- पहले चरण में एक गांव से 50 किसानों का बनेगा समूह
- जैविक खेती करने के लिए मिलेगा प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र
- परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत होगी शुरुआत
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
शासन ने किसानों की आय बढ़ाने और जैविक खेती को प्रेरित करने के लिए एक और पहल की है। इसके तहत जैविक खाद और रसायन पर सरकार अनुदान देगी। पहले चरण में एक गांव से 50 किसानों का समूह बनेगा और उन्हें जैविक खेती करने के प्रशिक्षण देकर प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। इस योजना की शुरूआत परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत होगी।
शासन ने परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत एक राजस्व गांव में 50 किसानों का समूह बनाकर जैविक खेती कराने का निर्णय लिया है। प्रत्येक किसान की एक एकड़ जमीन शामिल की जाएगी। इसमें उगाई जाने वाली फसलों में दवा, खाद और रसायन का प्रयोग नहीं होगा, बल्कि जैविक खाद और रसायन के साथ गोबर की खाद का प्रयोग किया जाएगा। यह चरण तीन साल तक चलेगा। पहले साल चयनित किसानों को प्रशिक्षण देकर खेती करवाई जाएगी। इसमें प्रयोग होने वाले जैविक खाद और रसायन के अलावा बीज पर सरकार अनुदान देगी। दूसरे वर्ष भी सरकार खेती में प्रयोग होने वाले खाद और रसायन पर अनुदान देने के साथ ही फसल का कृषि विभाग के अधिकारियों से परीक्षण भी कराएगी। परीक्षण के दौरान फसल के नमूने लिए जाएंगे और पता किया जाएगा कि फसल जैविक तरीके से ही हो रही है। इसके बाद तीसरे वर्ष किसानों को जैविक खेती का प्रमाणपत्र देने के साथ पांच और 10 किलो के थैले अनुदान पर उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन थैलों में किसान अपनी फसल जैसे गेहूं और दालें आदि को पैक कर बाजार में बेच सकेंगे। इसके बाद किसान खुद ही खेती करेंगे। यह प्रयास शासन की ओर से किसानों को जैविक खेती कराने और उन्हें प्रेरित करने के लिए किया जा रहा है।
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परंपरागत कृषि विकास योजना की जिले में जल्द ही शुरूआत होगी। गांवों में किसानों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। उसके साथ ही आगे की कार्रवाई भी शुरू होगी। शासन के इस प्रयास से जैविक खेती का बढ़ावा मिलेगा। - अश्विनी कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी
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