फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब अस्पतालों की प्रति सप्ताह समीक्षा करेंगे नोडल अफसर

विज्ञापन
विज्ञापन
अब अस्पतालों की हर सप्ताह समीक्षा करेंगे नोडल अफसर
विज्ञापन

- जिला महिला अस्पताल में नवजात चोरी होने का मामला
- डीएम ने नोडल अधिकारियों को सौंपी महिला और जिला अस्पताल की जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में स्टाफ की लापरवाही को अब डीएम ने गंभीरता से लिया है। डीएम ने जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल के लिए नामित दो अफसरों को हर सप्ताह निरीक्षण कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।
दो दिन पहले जिला महिला अस्पताल के पीएनसी वार्ड से नवजात चोरी होने के मामले में लापरवाही का मामला प्रकाश में आया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि मामले में अस्पताल स्टाफ द्वारा लापरवाही बरती गई थी। पूरे मामले को संज्ञान में लेते हुए डीएम डॉ. रोशन जैकब ने पूर्व में बनाए गए नोडल अफसरों को निर्देश जारी करते हुए प्रति सप्ताह निरीक्षण कर निर्धारित बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट मांगी है। इसके तहत नोडल अफसर देखेंगे कि मरीजों को किस प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं, किसी मरीज को परेशानी तो नहीं हो रही है, साफ सफाई की व्यवस्था क्या है, महिला अस्पताल में प्रसूता व नवजात के इलाज के क्या इंतजाम हैं। नोडल अधिकारी एडीएम प्रशासन और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट को नियुक्त किया गया है।
विज्ञापन


इन बिंदुओं पर जांच करेंगे नोडल अधिकारी
- अस्पतालों में सभी प्रकार की दवाओं की उपलब्धता।
- इमरजेंसी सेवाओं की स्थिति।
- चिकित्सक एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की उपस्थिति।
- चिकित्सकों एवं चिकित्सा स्टाफ का जनता के प्रति व्यवहार।
- चिकित्सीय सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता।
- जीवन रक्षक उपकरणों की क्रियाशीलता।
- बच्चों के आईसीयू की स्थिति और व्यवस्थाएं।
- साफ-सफाई की व्यवस्था।
- महिला चिकित्सालय में मेडिकोलीगल परीक्षण के लिए चिकित्सकों की उपलब्धता।
- चिकित्सालय में मरीजों को सही उपचार मिल रहा है या नही।
- चिकित्सालय स्टाफ द्वारा परिचय-पत्र पहना जाना।
- तीमारदारों को चिकित्सालय में प्रवेश हेतु पर्चियां जारी करना।

फोटो समाचार
जिला महिला अस्पताल में नहीं सुधरे हालात
बुलंदशहर। जिला महिला अस्पताल में नवजात चोरी होने के बाद डीएम द्वारा नामित अतिरिक्त मजिस्ट्रेट ने बृहस्पतिवार को निरीक्षण किया था। इस दौरान एएसडीएम ने आशाओं को पहचान पत्र के साथ ड्रेस कोड में आने और अस्पताल परिसर में तीमारदारों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके शुक्रवार को अस्पताल में दोनों आदेशों पर अमल नहीं किया गया।
विज्ञापन

जिला महिला अस्पताल में बुधवार की रात नवजात चोरी होने के बाद बृहस्पतिवार को अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रितु पूनिया ने निरीक्षण किया था। उन्होंने सीएमएस को वार्ड में भर्ती मरीजों के पास तीमारदारों की संख्या अधिक न हो, इमरजेंसी, सर्जिकल, पीएनसी, एसएनसीयू व जनरल वार्ड का प्रति सप्ताह निरीक्षण करने की बात कही थी। सुरक्षा के लिए अस्पताल के गेट पर प्रसूताओं से मिलने के लिए पर्ची जारी करने के भी निर्देश दिए थे। इसी के साथ महिला अस्पताल में बेवजह आशाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगाने की बात कही थी। इसके बावजूद शुक्रवार को आदेशों का पालन नहीं किया गया और आशाओं का आना-जाना लगा रहा। आशाओं और कर्मचारियों की नोकझोंक भी हुई। महिला सीएमएस डॉ. बीना रानी ने बताया कि ड्रेस कोड के बारे में जानकारी नहीं है। सीएमओ द्वारा आशाओं को ड्रेस और पहचान पत्र जारी किए जाते हैं। प्रसूता से मिलने को जारी किए गए आदेशों का पालन किया जा रहा है। प्रयास किया जा रहा है कि अस्पताल में कोई बाहरी व्यक्ति प्रवेश न कर सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें