राशन पा रहे अपात्र, धूल फांक रहे पात्रों के फार्म
- सैकड़ों पात्र आज भी योजना से हैं वंचित, अपात्रों को मिल रहा लाभ
- जिले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत 6.50 लाख परिवार शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। कई बार सर्वे हुआ और अपात्रों के स्थान पर पात्रों को योजना में शामिल किया गया। बावजूद इसके आज भी सैकड़ों पात्र योजना से वंचित हैं। वहीं, पात्रों के फार्म विभागीय कार्यालय में धूल फांक रहे हैं। ऐसे में पात्र अपना राशन कार्ड बनवाने के लिए कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजना खाद्य सुरक्षा अधिनियम की जिले में शुरूआत जनवरी 2016 में शुरू हो गई थी। इस योजना में जिले के 6.50 लाख परिवारों को शामिल किया गया। इन परिवारों को दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल का वितरण प्रत्येक माह किया जाता है। योजना के शुरू होने से ही इस पर सवाल खड़े होने लगे थे। आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे कि योजना में अपात्र परिवारों को शामिल कर लिया गया। इस पर अब तक कई बार कई बार सर्वे भी हुआ और हजारों अपात्र योजना से बाहर हुए। इनके स्थान पर पात्रों को शामिल किया गया। बाजवूद इसके अभी भी अपात्र योजना का लाभ उठा रहे हैं और पात्र कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक पात्रों द्वारा भरवाए गए फार्म विभागीय कार्यालयों में धूंल फांक रहे हैं। इसकी वजह से सैकड़ों पात्र व्यक्ति उक्त सरकारी योजना से वंचित हैं। उधर, जिला पूर्ति अधिकारी केबी सिंह का कहना है कि योजना में शामिल अपात्रों की जांच की जा रही है। पात्रों के भरवाए गए फार्मों की जांच कर जल्द उनके राशन कार्ड बनवा दिए जाएंगे। उन्होंने पात्रों से आह्वान किया है कि वह अपात्रों की जानकारी विभागीय अफसरों को दें। ताकि उन्हें योजना से बाहर कर पात्रों को शामिल किया जा सके।