बजट कटौती के साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण- 2018 चुनौती
- शपथ ग्रहण के बाद पहली बार नगर पालिका अध्यक्ष ने अधिकारियों के साथ की बैठक
- स्वच्छता सर्वेक्षण 2016 में पिछड़ने पर शासन ने की है 62 लाख रुपये की कटौती
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। नगर पालिका के नए अध्यक्ष के सामने शहर को देश के सर्वश्रेष्ठ शहरों में शामिल कराना आसान नहीं होगा। गत सर्वेक्षण में फिसड्डी रहने के कारण शासन ने 62 लाख रुपये प्रतिमाह की कटौती कर अध्यक्ष की चुनौती और बढ़ा दी है। शनिवार को अध्यक्ष मनोज गर्ग ने अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
नगर पालिका के अध्यक्ष पद के लिए भाजपा प्रत्याशी मनोज गर्ग ने चुनावी जंग तो जीत ली, लेकिन अब उनकी पहली परीक्षा स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 है। वर्ष 2016 में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर पालिका बुलंदशहर काफी फिसड्डी रही थी। इसके चलते इस बार शासन ने नगर पालिका बुलंदशहर के राज्य वित्त फंड से प्रतिमाह 62 लाख रुपये की कटौती की है। जबकि पूर्व में शासन द्वारा पालिका के खर्च व विकास कार्य के लिए 2.25 करोड़ रुपये प्रतिमाह दी जाती थी। ऐसे में अब मिलने वाली शेष धनराशि 1.5 करोड़ रुपये पालिका अफसर-कर्मचारियों के वेतन व पेंशन के लिए कम पड़ेंगे। हालांकि अध्यक्ष मनोज गर्ग ने शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रचार प्रसार व शहर को सर्वश्रेष्ठ शहरों में शामिल कराने के लिए मुहिम शुरू कर दी है, लेकिन अब यह वक्त ही बताएगा कि स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर इस बार किस पायदान पर रहता है।
कोट
शहर को देश के सर्वश्रेष्ठ शहरों में शामिल करने की हर संभव कोशिश की जा रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण में शहर अवश्य अव्वल रहेगा। शासन द्वारा फंड की कटौती के आदेश पहले ही मिल चुके हैं। -- मनोज गर्ग, अध्यक्ष, नगर पालिका बुलंदशहर
फोटो
वार्ड 1 व 8 में अध्यक्ष ने किया निरीक्षण
नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड 1 व 8 में शनिवार को चेयरमैन मनोज गर्ग ने टीम के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान शांतिनगर भूड़ में अवैध रूप से चल रही एक मीट की दुकान को बंद कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा सड़क पर अवैध रूप से कूड़ा फैलाने और गोबर डालने वालों के खिलाफ नोटिस जारी करने के आदेश नगर पालिका अफसरों को दिए। वहीं दूसरी ओर स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए लोगों को जागरूक भी किया।