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70 फीसदी परीक्षा फार्म रद्द होने की संभावना

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70 फीसदी परीक्षा फार्म रद्द होने की आशंका
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- बोर्ड द्वारा की जा रही फार्मों की अंतिम जांच
- बोर्ड की ओर से वापस किए गए हाईस्कूल और इंटर के प्राइवेट परीक्षा फार्मों का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। यूपी बोर्ड से वापस आए हाईस्कूल और इंटर के प्राइवेट परीक्षा फार्म जिला स्तरीय जांच के बाद बोर्ड के पास पहुंच गए। जहां फार्मों की अंतिम जांच चल रही है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने संभावना जताई है कि 70 फीसदी परीक्षा फार्म रद्द हो सकते हैं।
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बोर्ड परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों का निर्धारण होने के साथ परीक्षा का कार्यक्रम काफी समय पहले जारी कर दिया गया था। बोर्ड परीक्षा 2018 के लिए जिले से हाईस्कूल और इंटर की प्राइवेट परीक्षा देने के लिए पांच हजार से अधिक परीक्षा फार्म भरे गए थे। शासन को शिकायत मिलने पर इन फार्मों की जब बोर्ड में ऑनलाइन जांच की गई तो ये फार्म संदिग्ध पाए गए। इस पर बोर्ड ने इन फार्मों को सत्यापन के लिए डीआईओएस कार्यालय भेज था। डीआईओएस ने इनका सत्यापन करवाने का काम शुरू करवाया तो उनमें हरियाणा व दिल्ली की सीबीएसई से संबंधित मार्कशीट के अलावा अन्य जानकारी भी गलत पाई गई। करीब एक सप्ताह तक फार्मों की गहनता से जांच की गई। बुधवार शाम तक जांच के दौरान मिली खामियाें का सत्यापन कर अंतिम रिपोर्ट बनाई गई। सत्यापन के लिए हाईस्कूल की परीक्षा के 1471 फार्म शामिल किए गए। इनमें से 498 फार्म सही पाए गए गए जबकि 973 फार्म संदिग्ध श्रेणी में शामिल किए हैं। इसी तरह इंटर के सत्यापन में शामिल 2058 परीक्षा फार्मों में से 587 फार्म सही पाए गए हैं, जबकि 1471 फार्म संदिग्ध हैं। डीआईओएस मनोज कुमार का कहना है कि बोर्ड परीक्षा के प्राइवेट फार्मों के सत्यापन का काम पूरा हो गया। मगर, जिनकी पुष्टि नहीं हो पाई थी, उन्हें संदिग्ध श्रेणी में शामिल किया गया है। संदिग्ध फार्मों में सीबीएसई से संबंधित मार्कशीट आदि शैक्षणिक कागजात लगे हुए हैं। सभी फार्मों को पिछले दिनों बोर्ड को भेजा गया था। वहां पर उनकी जांच जारी है और संभावना जताई जा रही है कि 70 फीसदी फार्म रद्द हो सकते हैं। जल्द ही इसकीरिर्पोअ मिल जाएगी।
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