करौरा में बुखार का कहर, युवक समेत दो की मौत
- पहासू के करौरा व अरनिया के भोगपुर में हुई
- क्षेत्र में मौसम के बदलाव से बढ़ेे बुखार के मरीज
- स्वास्थ्य विभाग की टीम न आने से ग्रामीणों में रोष
बुलंदशहर/खुर्जा/पहासू। बारिश के बाद मौसम में आए बदलाव से बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। मंगलवार को एक युवक समेत बुखार से दो लोगों ने दम तोड़ दिया। जबकि गांवों में मरीजों के लिए कोई सुविधा न मिलने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक गांव में बुखार के मरीज अधिक संख्या में हैं।
जानकारी के अनुसार अरनिया क्षेत्र के गांव भोगपुर निवासी सुखवीर (28) पुत्र रामपाल को पिछले पांच दिनों से बुखार था। परिजनों ने निजी चिकित्सक से इलाज करवाया, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। सोमवार को हालत बिगड़ने पर परिजन सुखवीर को लेकर खुर्जा स्थित निजी अस्पताल पहुंचे। वहां से गंभीर हालत में चिकित्सकों ने सुखवीर को अलीगढ़ मेडिकल के लिए रेफर कर दिया। अलीगढ़ ले जाने के दौरान सुखवीर की मौत हो गई। उधर पहासू क्षेत्र के करौरा गांव निवासी रविशरन (80) पिछले तीन दिनों से बुखार से पीड़ित थे। निजी चिकित्सक के पास उनका इलाज चल रहा था। सोमवार देर शाम रविशरन की मौत हो गई। पहासू और अरनिया क्षेत्र के गांवों में कई मरीज बुखार से पीड़ित है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के न पहुंचने से ग्रामीणों में जबरदस्त रोष व्याप्त है।
बुखार आने पर क्या करें
विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें
अधिक ठंडे पानी का सेवन न करें
बुखार आने पर इलाज में देरी न करें
बिना परामर्श के किसी दवाई का प्रयोग न करें
करौरा में लगाया स्वास्थ्य कैंप
सीएमओ डॉ. केएन तिवारी ने बताया कि बुखार के प्रकोप को गंभीरता से लेते हुए गांवों में कैंप लगाने के लिए टीमों को भेजा गया था। मंगलवार को करौरा समेत करीब 10 गांवों में कैंप लगाकर मरीजों को दवाओं का वितरण किया गया।
कोट
बुखार से मौत के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। इस संबंध में टीम बनाकर गांवों में कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक मौत के मामले की जांच की जा रही है। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
गत वर्ष करौरा में हुई थी 130 से अधिक मौतें
बुलंदशहर। पहासू क्षेत्र के गांव करौरा में बुखार से दो दिनों में दो लोगों की मौत हो चुकी है। यह वही गांव करौरा है जहां पर गत वर्ष 130 से अधिक मरीजों की मौत हुई थी। स्वास्थ्य अधिकारियों की लापरवाही के कारण गत वर्ष करौरा बुखार के मरीजों की कब्रगाह बन गया था।
वर्ष 2016 में बुखार ने इस कदर तांडव मचाया था कि जिले में बुखार से 360 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। अफसरों की लापरवाही के कारण सर्वाधिक बुखार से मौतें पहासू के गांव करौरा में हुई।