जिले के छह गांवों में कैंसर ने पसारे पांव
- गांव के पानी में है फ्लोराइड और आर्सेनिक तत्व
- स्वच्छ पानी के लिए टंकी निर्माण का प्रस्ताव पास, जल्द शुरू होगा निर्माण
मनोज चौधरी
बुलंदशहर।
जिले के छह गांवों के पानी में फ्लोराइड और आर्सेनिक तत्व पाए जाने से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी ने पांव पसार लिए हैं। इस पानी को पीने से ग्रामीण पीलिया और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों की चपेट में हैं। राहत की बात यह है कि ग्रामीणों को बीमारियों से बचाने के लिए स्वच्छ पानी मुहैया कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन सभी गांवों में पानी की टंकी लगवाने के लिए जल निगम ने शासन को प्रस्ताव भेजा है।
बीबीनगर ब्लॉक का सलावतपुर गंगोवाली, पहासू का नारऊ और कुंडाखेड़ा, शिकारपुर का चित्सौन, सिकंदराबाद का भराना और दानपुर ब्लॉक के नारायणपुर गांव में कैंसर का कहर है। सिकंदराबाद ब्लॉक के गांव भराना के प्रधान जगत सिंह और ग्रामीण जितेंद्र कुमार ने बताया कि गांव का पानी पीने योग्य नहीं है। बताया गया है कि गांव में पानी की टंकी लगेगी, जिसका ग्रामीणों को इंतजार है। उन्होंने बताया कि गांव में अभी कैंसर का कोई मामला नहीं है लेकिन पीलिया के मरीज घर-घर मिलेंगे। पहासू ब्लॉक के गांव नारऊ और कुंडाखेड़ा में भी पानी पीने योग्य नहीं होने से ग्रामीणों में दहशत है। गांव नारऊ की ग्राम प्रधान सीमा गौड़ और ग्रामीण सुरेश चंद ने बताया कि गांव में कई लोगों को पीलिया है। कुंडाखेड़ा में भी पानी खराब होने पर ग्रामीण ने अब सबमर्सिबल लगाकर स्वच्छ पानी पीना शुरू कर दिया है। ब्लॉक बीबीनगर के गांव सलावतनगर गंगोवाली का पानी भी दूषित है। पानी पीने से जब लोग बीमार होने लगे तो उन्होंने इससे बचने के लिए आरओ का पानी पीना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दिनों पानी की जांच के लिए एक टीम आई थी और पानी के नमूने लिए थे। पानी खराब होने की सूचना से गांव में हड़कंप है।
20 से अधिक लोग हैं बीमार
शिकापुर ब्लॉक के गांव चित्सौन में 20 से अधिक लोग कैंसर और पीलिया से पीड़ित हैं। महिला मूर्ति पत्नी महेश, गुलशन पत्नी बाबुउद्दीन, प्रेमा पत्नी अमीचंद, कमला पत्नी हरकिशन और माया पत्नी उदयवीर को कैंसर है जबकि राजू पुत्र आनंद सहित अन्य लोग पीलिया आदि बीमारी से ग्रस्त हैं। ग्राम प्रधान पुष्पा देवी का कहना है कि गांव का पानी पीने योग्य नहीं रहा। यही कारण है कि दिन पर दिन गांव में कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
नारायणपुर में कैंसर से हो चुकी है कई लोगों की मौत
ब्लॉक दानपुर के गांव नरायनपुर के ग्रामीण पिछले सात वर्षाें से कैंसर सहित कई जल जनित बीमारियों से जूझ रहे हैं। आठ हजार की आबादी वाले इस गांव की प्रधान मलका परवीन का कहना है कि गांव में 50 हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नहीं है। ग्रामीण नईउद्दीन पुत्र सद्दीकी, कादिर पुत्र शकीर आदि को कैंसर और पीलिया सहित कई बीमारियां हैं। महावीर खटीक और जलील अहमद की पिछले वर्ष कैंसर से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया गांव में इलाज की कोई सुविधा नहीं है। तीन किमी दूर दानपुर सीएचसी पर उपचार के लिए जाना पड़ता है।
खतरनाक हैं फ्लोराइड और आर्सेनिक
पानी में यदि फ्लोराइड और आर्सेनिक तत्व की मात्रा बढ़ जाए तो वह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। ऐसा पानी पीने से कैंसर, पीलिया, दांतों का पीला होना, त्वचा रोग और हड्डी कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है। सीएमओ डॉ. कैलाश नाथ तिवारी का कहना है कि यदि पानी में फ्लोराइड और आर्सेनिक तत्व की मात्रा अधिक हो तो वह पीने योग्य नहीं रहता। ऐसा पानी पीने से कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती हैं। इससे बचने के लिए पानी को उबालकर पीना चाहिए।
कोट
जिले में पीने के पानी की समय-समय पर जांच होती है। जांच में ही खुलासा हुआ कि इन गांवों के पानी में फ्लोराइड और आर्सेनिक तत्व पाए गए हैं। इसके अलावा अन्य गांवों में भी ऐसे तत्व पाए गए हैं, लेकिन इन गांवों में ऐसे तत्वों की मात्रा अधिक होने के कारण ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए पानी की टंकी लगाई जाने का निर्णय लिया गया है। - एके सिंघल, अधिशासी अभियंता, जल निगम।
इन गांवों में फैली बीमारी के बारे में जानकारी नहीं है। इसके लिए संबंधित क्षेत्राधिकारियों को अवगत कराकर मौके पर भेजा जाएगा। साथ ही गांव में बीमारी फैलने के कारणों की जांच की जाएगी। मरीजों के इलाज के लिए हर संभव मदद की जाएगी। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
प्रभावित गांवों में पानी की टंकी लगाकर स्वच्छ पानी मुहैया करवाने का प्रस्ताव पास हो चुका है। टंकी निर्माण के लिए राशि मिलते ही काम शुरू करवा दिया जाएगा। - जसजीत कौर, सीडीओ