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तत्कालीन डीआईओएस पर लगा 25 हजार का जुर्माना

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तत्कालीन डीआईओएस पर 25 हजार का जुर्माना
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- राज्य सूचना आयोग ने मांगी सूचना न देने पर की कार्रवाई
- वर्ष 2002 में एक विद्यालय में तीन अध्यापक और एक चौकीदार की नियुक्ति से जुड़ा है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
तत्कालीन डीआईओएस पर राज्य सूचना आयोग ने 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी नहीं देने पर लगाया गया है। मामला वर्ष 2002 में एक विद्यालय में तीन अध्यापक और एक चपरासी की नियुक्ति से जुड़ा हुआ है।
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नगर के रेलवे रोड स्थित शिवपुरी निवासी त्रिलोकी प्रसाद शर्मा ने वर्ष 2002 में गांव लड़ाना स्थित जनता शिक्षा सदन इंटर कॉलेज में तीन अध्यापक और एक चौकीदार की नियुक्ति करने पर विद्यालय की प्रबंधन समिति के प्रबंधक और तत्कालीन बीएसए शंकर लाल पर आरोप लगाया था कि इसके एवज में मोटी वसूली की गई है। मामला हाईकोर्ट तक भी पहुंचा और उस समय समाचारपत्रों की सुर्खी भी बना था। कोर्ट ने जांच के आदेश दिए। मगर, आज तक जांच जारी है और पूरी नहीं हो पाई। खास बात यह है कि वर्तमान में दो शिक्षक ही इस स्कूल में तैनात हैं, जबकि एक शिक्षक और चौकीदार त्यागपत्र दे चुके हैं। इस मामले की जांच आगे बढ़ाने के लिए त्रिलोकी प्रसाद शर्मा ने तत्कालीन डीआईओएस रामाज्ञा कुमार से सूचना के अधिकार के तहत मामले से जुड़ी जरूरी जानकारी मांगी थी। बार-बार सूचना मांगने पर जब जानकारी नहीं मिली तो त्रिलोकी प्रसाद ने राज्य सूचना आयोग में शिकायत की। वहां से जारी आदेश के बाद जब समय पर सूचना नहीं दी तो एक सितंबर को राज्य सूचना आयोग के आयुक्त ने तत्कालीन डीआईओएस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया है। इसका आदेश डीएम को भी प्रेषित किया जा चुका है। डीआईओएस मनोज कुमार आर्य का कहना है राज्य सूचना आयुक्त का तत्कालीन डीआईओएस पर लगाया गया जुर्माना से संबंधित आदेश प्राप्त हो चुका है। आदेश का पालन किया जाएगा।
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