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कॉलेजों में प्राध्यापकों ने मनाया ब्लैक-डे

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कालेजों में प्राध्यापकों ने मनाया ब्लैक -डे
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- सातवें वेतन आयोग सहित अन्य मांगों के समर्थन में दिल्ली में जेल भरो आंदोलन में शामिल होने गए प्राध्यापक
- काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए किया शिक्षण कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। सीएसएसयू से संबंधित राजकीय और एडेड कालेजों के प्राध्यापकों ने बुधवार को सातवें वेतन आयोग सहित अन्य मांगों के समर्थन में ब्लैक -डे मनाया। उन्होंने काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य किया। वहीं, दूसरी ओर प्राध्यापक दिल्ली में जेल भरो आंदोलन में भी शामिल होने गए।
केंद्र सरकार सातवां वेतनमान लागू करें, शिक्षकों की पदोन्नति में एपीआई समाप्त हो, रिटायर्ड होने की अवधि 62 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए, शिक्षा का निजीकरण समाप्त हो और समस्त प्राध्यापकों और कर्मचारियों का मानदेय निर्धारित करने सहित अन्य मांगों को लेकर प्राध्यापक लगातार आंदोलन पर हैं। एआई-फुकटो के आह्वान पर केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में इससे पहले भी धरना-प्रदर्शन और ब्लैक-डे मनाया जा चुका है।
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इसी क्रम में प्राध्यापकों ने बुधवार को भी ब्लैक-डे मनाकर और काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए अपना विरोध जताया। दूसरी ओर जिले से प्राध्यापक दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए और गिरफ्तारी दी। जिले के डीएवी कालेज और आईपी कालेज सहित सभी में ब्लैक-डे मनाया गया। आईपी कालेज के महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. एमएस कसाना ने चेतावनी दी कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। मूटा के अध्यक्ष और डीएवी कालेज के प्राचार्य प्रो. विकास शर्मा ने बताया कि एआई-फुकटो के आह्वान पर केंद्र सरकार की शिक्षक विरोधी नीतियों के विरोध में बुधवार को सभी राजकीय और एडेड कालेजों के प्राध्यापकों ने ब्लैक-डे मनाकर और काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए अपना विरोध जताया। प्राध्यापकों का आंदोलन जारी रहेगा।
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शिक्षकों ने काली पट्टी बांध जताया विरोध
अनूपशहर । डीपीबीएस महाविद्यालय अनूपशहर के अनुदानित शिक्षकों ने शासन से सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने की मांग को लेकर काली पट्टी बांधकर शिक्षक दिवस समारोह का बहिष्कार किया। शिक्षक संघ सचिव डा. पीके त्यागी ने बताया कि अखिल भारतीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षक संघ के आह्वान पर यह बहिष्कार किया गया है। डा. मुनेश कुमार, सीमांत दुबे, डा. ऋषि कुमार अग्रवाल, डा. पीके त्यागी, डा. चंद्रावती, डा. वीके गोयल, डा. यूके झा रहे। ब्यूरो
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