गांवों में ओडीएफ की अलख जगा रही ‘टॉयलेट-एक प्रेम कथा’
- ग्रामीणों को शौचालय बनवाने और खुले में शौच न करने के लिए किया जा रहा जागरूक
- पंचायती राज विभाग की वैन एक दिन में दो गांवों में पहुंचकर दिखा रही फिल्म
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। जिले को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने और घर-घर में शौचालय बनवाने के लिए जागरूकता लाने के लिए आजकल फिल्म ‘टॉयलेट-एक प्रेम कथा’ गांव दर गांव ओडीएफ की अलख जगाने का काम कर रही है। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने एक वैन तैयार की है, जो एक दिन में दो गांवों में पहुंचकर फिल्म के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक कर रही है।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले को खुले में शौच से मुक्त करने और घर-घर में शौचालय बनाने का काम जारी है। इसके लिए गांव-गांव में पात्रों का चयन कर शौचालय बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही पंचायती राज विभाग की ओर से गठित की गई टीमें गांवों में जाकर ग्रामीणों को खुले में शौच से होने वाले नुकसान और शौचालय का प्रयोग करने से होने वाले लाभ से अवगत करवाकर उनमें जागरूकता लाने का प्रयास कर रही हैं। इस कार्य में विभिन्न अफसरों का भी सहयोग लिया जा रहा है। इसके लिए जागरूकता कार्यक्रमों का भी समय-समय पर आयोजन हो रहा है। हाल ही में पंचायती राज विभाग ने गठित टीम में शामिल वॉलेंटियर, कोर्डिनेटर, समाजसेवी और अफसरों आदि को फिल्म ‘टॉयलेट-एक प्रेम कथा’ दिखाई थी। इसी क्रम में अब एक वैन के माध्यम से गांवों में ग्रामीणों को फिल्म दिखाकर जागरूक करने का काम किया जा रहा है।
ज्ञात रहे कि जिले में अब तक 1250 में से 118 गांवों को ओडीएफ घोषित किया जा चुका है। बीबीनगर, स्याना और गुलावठी ब्लॉक के 101 गांवों को अगले तीन माह में ओडीएफ घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। पूरे जिले को वर्ष 2018 तक ओडीएफ करने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। डीपीआरओ अमरजीत सिंह ने बताया कि ग्रामीणों में ओडीएफ और शौचालय बनवाने के लिए गांव दर गांव ‘टॉयलेट-एक प्रेम कथा’ फिल्म दिखाकर जागरूक करने का काम शुरू हो गया है। विभाग की एक वैन रोजाना दो गांवों में पहुंचकर फिल्म के माध्यम से जागरूकता लाने का काम कर रही है।