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टीजीटू प्रभारियों के आगे नतमस्तक हुए बिजली अफसर

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टीजीटू प्रभारियों के आगे नतमस्तक हुए बिजली अफसर
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- शासन के आदेश के बाद भी अभी तक नहीं हटाए गए 42 प्रभारी
- कई जेई को दिए बिजलीघर के अलावा अन्य प्रभार
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। पावर कॉरपोरेशन में कार्यरत टीजीटू प्रभारियों के आगे अधिकारी नतमस्तक नजर आ रहे हैं। शासन के आदेशों के बाद भी अभी तक जिले में टीजीटू को प्रभारियों के पद से कार्य मुक्त नहीं किया है। जबकि अफसरों ने कई जेईयों को बिजी के अलावा अन्य प्रभार दिए हैं। अफसरों की ढिलाई के कारण टीजीटू चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली करने में लगे हुए हैं।
लगातार मिल रही शिकायतों के चलते शासन ने टीजीटू को बिजलीघरों के प्रभारियों के पद से मुक्त करने के आदेश दिए थे। शासन ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि सभी टीजीटू को अतिशीघ्र बिजलीघरों के प्रभारियों के पदों से हटाया जाए। अफसरों ने खानापूर्ति करते हुए कुछ बिजलीघर के प्रभारियों को हटा दिया, लेकिन चहेते प्रभारी अभी भी जमे हुए हैं। अभी भी जिले में 42 बिजलीघरों का चार्ज टीजीटू प्रभारियों पर है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जेईयों की अपेक्षा टीजीटू प्रभारी अधिक कमाई कर अफसरों की जेब भरते हैं। जिसके चलते अभी तक अफसरों ने टीजीटू प्रभारियों को कार्यमुक्त नहीं किया है। बताया जा रहा है कि कई बिजलीघरों पर तो टीजीटू व जेई दोनों की तैनाती है। बावजूद इसके जेई के स्थान पर टीजीटू को ही बिजलीघर का प्रभारी बनाया है।
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लगातार कर रहे हैं अवैध वसूली
जिन बिजलीघरों पर टीजीटू प्रभारी जमे हुए हैं उन क्षेत्रों से उपभोक्ताओं की लगातार अवैध वसूली की शिकायतें आ रही हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टीजीटू प्रभारियों ने अपने क्षेत्रों में चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली का गोरखधंधा चलाया हुआ है। जबकि दूसरी ओर लगातार शिकायतों के बाद भी बिजली अफसर प्रभारियों को नहीं हटा रहे हैं।
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कोट---
जेईयों की कमी के कारण अभी भी कुछ बिजलीघरों पर प्रभारी टिके हुए हैं। शासन से जेईयों की मांग की गई है। जेईयों की संख्या पूरी होने पर प्रभारियों को हटा दिया जाएगा। - अजय अग्रवाल, एसई, पावर कॉरपोरेशन

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