जिपं चुनाव : सत्ता पक्ष और विपक्ष में मचा घमासान
- गैर भाजपाई प्रत्याशियों के लिए खाली छोड़ी जा सकती है सीट
- सीट खाली रहने पर पूर्व जिपं अध्यक्ष भी लड़ सकते हैं चुनाव
- 16 को नामांकन के बाद 22 अगस्त को होना है चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सत्ता पक्ष व विपक्ष में घमासान मचा हुआ है। सूत्रों के अनुसार सत्ता पक्ष में अभी तक प्रत्याशी को लेकर राय नहीं बन सकी है। जिसके कारण अभी तक भाजपा जिपं अध्यक्ष पद का प्रत्याशी घोषित नहीं कर सकी है। चर्चा यह भी है कि राय न बनने पर सत्ता पक्ष सीट को खाली छोड़ सकता है। हालांकि यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि सत्ता पक्ष कोई प्रत्याशी घोषित करने में सफल होता है या नहीं है।
बताते चलें कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरेन्द्र यादव के इस्तीफे के बाद शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए 22 अगस्त की तिथि घोषित की थी। इसके लिए नामांकन 16 अगस्त को किया जाना तय हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सत्ता पक्ष में अभी भी प्रत्याशी को लेकर राय नहीं बन सकी है। कई बार जिला पदाधिकारियों ने टिकट मांगने वालों को बुलाकर एकमत करने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके हैं। जिसके कारण अब संभावना यह भी जताई जा रही है कि सत्ता पक्ष कोई प्रत्याशी घोषित ही न करे। ऐसे में गैर भाजपाई का जिला पंचायत अध्यक्ष बनना तय है। बताया जा रहा है कि सत्ता पक्ष में जिन नामों को लेकर सर्वाधिक हल्ला मचा हुआ है उन्हें पार्टी हाईकमान ने सिरे से खारिज कर दिया है। हालांकि अभी तक हाईकमान ने भी किसी प्रत्याशी के नाम पर मोहर भी नहीं लगाई है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को हाईकमान इस संबंध में अंतिम निर्णय लेगा। ऐसे में संभावना है कि हाईकमान कोई प्रत्याशी घोषित ही न करे।
... तो पूर्व अध्यक्ष लड़ सकते हैं चुनाव
यदि सत्ता पक्ष अपना कोई प्रत्याशी चुनाव में नहीं उतारता है तो ऐसे में एक पूर्व जिपं अध्यक्ष भी कुर्सी के लिए दाव ठोक सकते हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि ऐसे में विपक्ष में भी दो उम्मीदवार हो जाएंगे तो संभव है कि विपक्ष आपस में बातचीत कर एक राय होकर किसी भी एक प्रत्याशी को चुनाव में उतारे।
कोट
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी को लेकर आज अंतिम फैसला होने की उम्मीद है। हाईकमान का फैसला ही मान्य होगा। प्रत्याशी घोषित करना है भी या नहीं यह भी हाईकमान ही तय करेगा।
- हिमांशु मित्तल, जिलाध्यक्ष भाजपा