सुधरेंगे हालात, 11 बिजलीघरों की जल्द मिलेगी सौगात
- एक वर्ष पहले शासन ने दिए थे 23 बिजलीघरों के निर्माण के आदेश
- अब तक 12 बिजलीघर किए जा चुके हैं ऊर्जीकृत
- 11 बिजलीघरों का निर्माण साल के अंत तक करना होगा पूरा
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर। जिले के लोगों को जल्द ही बिजली कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से राहत मिल जाएगी। जनपद को दिए गए 23 बिजलीघरों में से अब तक 12 बिजलीघरों को ऊर्जीकृत किया जा चुका है, जबकि शेष 11 बिजलीघरों का निर्माण कार्य चल रहा है। सभी को साल के अंत तक ऊर्जीकृत करने के आदेश हैं। निर्माणाधीन प्रत्येक नए बिजलीघरों की क्षमता 10 एमवीए होगी।
वर्ष 2016 की शुरुआत में सरकार ने जिले को 23 नए बिजलीघरों की सौगात दी थी। सरकार के आदेश पर पावर कॉरपोरेशन ने बिजलीघरों का निर्माण कार्य शुरू कर दिया था। सरकार के आदेश के बाद अब तक 23 में से 12 बिजलीघरों को ऊर्जीकृत किया जा चुका है। शेष बचे 11 बिजलीघरों का निर्माण पूरा कर ऊर्जीकृत करने के लिए शासन ने नवंबर 2017 तक का समय दिया है। नए बिजलीघरों के ऊर्जीकृत होने से लोगों को लो वोल्टेज व बिजली कटौती से राहत मिल सकेगी। बताया जा रहा है कि 11 में से पांच बिजलीघरों का निर्माण कार्य 85 फीसदी तक पूरा हो चुका है। जबकि 11 केवीए लाइन बिछाने के लिए सर्वे पहले ही कर लिया गया है।
ये बिजलीघर हैं निर्माणाधीन
शासन के आदेश पर वैर, पहाड़पुर, औलीना, बुकलाना, करौंठी, प्याना कलां, पहासू उटरावली, शहजादपुर कनैनी, लालनेर अहमदगढ़ 2, टांडा व हजरतपुर खुर्जा नं. 6 बिजलीघर का निर्माण दीनदयाल उपाध्याय ग्राम्य ज्योति योजना के तहत कराया जा रहा है। शासन ने नवंबर माह तक सभी बिजलीघरों को ऊर्जीकृत करने का समय दिया है।
12 बिजलीघर हो चुके हैं ऊर्जीकृत
जिलेभर में अब तक 12 बिजलीघरों को विभाग ने ऊर्जीकृत कर दिया गया है। इनमें से सात बिजलीघर गत वर्ष ही ऊर्जीकृत कर दिए गए थे। जबकि सब्जी मंडी 2, बीबीनगर, ककोड़ व खुर्जा बाईपास पर झमका के निकट बन रहे बिजलीघर को हाल ही में ऊर्जीकृत किया गया है। सभी बिजलीघरों का निर्माण आईपीडीएस योजना के तहत कराया गया था।
कोट
11 बिजलीघरों का निर्माण चल रहा है। वर्ष के अंत तक सभी बिजलीघरों को ऊर्जीकृत करने के आदेश मिले हैं। तय समय में सभी बिजलीघरों को ऊर्जीकृत कर दिया जाएगा।
- संजीव राना, एसई, पावर कॉरपोरेशन