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बुखार में दर्द से कराह रहे मरीज, अफसर बेसुध

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बुखार से कराह रहे मरीज, अफसर बेसुध
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- अस्पतालों में बुखार के मरीजों की लगी हैं कतारें
- अब तक बुखार से तीन लोगों की हो चुकी है मौत
- फॉगिंग के नाम पर खानापूरी कर रही है नगर पालिका
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर। अस्पतालों में भर्ती बुखार के मरीज कराह रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बेसुध हैं। मरीजों को सरकारी अस्पतालों में न तो जांच की सुविधा मिल पा रही है और न ही निशुल्क दवाएं। जिले में अब तक बुखार से एक महिला समेत तीन लोगों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग के अफसर बीमारी को लेकर गंभीर नहीं हैं।
सरकारी हो या निजी अस्पताल सभी बुखार के मरीजों से भरे पड़े हैं। दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के अफसर बुखार को सामान्य बुखार बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। जबकि अस्पतालों में भर्ती बुखार के मरीजों को चिकनगुनिया के लक्षण दिख रहे हैं क्योंकि अधिकतर बुखार के मरीज शरीर में दर्द से कराह रहे हैं, लेकिन विभागीय अफसर मरीजों की कराह को चिकनगुनिया का दर्द न मानकर सामान्य बुखार दिखाने पर तुले हुए हैं। खुर्जा क्षेत्र के तीन गांवों में एक महिला समेत तीन लोगों की बुखार से मौत भी हो चुकी है पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की रिपोर्ट में तीनों की मौत बुखार नहीं बल्कि अन्य बीमारियों के कारण हुई है। इससे बीते वर्ष बुखार ने इस कदर कहर बरपाया था कि डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया ने 260 से अधिक लोगों की जान ले ली थी। तब भी स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने रिपोर्ट में खेल करते हुए अधिकतर लोगों की मौत का कारण बुखार न मानकर अन्य बीमारियों को माना था।
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प्रतिदिन आ रहे तीन हजार से अधिक मरीज
जिला अस्पताल में इन दिनों प्रतिदिन तीन हजार से अधिक मरीज आ रहे हैं। इन मरीजों में 60 फीसदी से अधिक मरीज बुखार, नजला, बदन दर्द, सर दर्द से पीड़ित हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुखार के प्रकोप को कम करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। अस्पताल में न तो अब तक बेडों की संख्या बढ़ाई गई है और न ही मरीजों के लिए अतिरिक्त दवाओं की व्यवस्था की गई है।

स्वाइन फ्लू का नहीं आया कोई मामला
पड़ोसी जिलों में इन दिनों स्वाइन फ्लू ने कहर बरपाया हुआ है। गौतमबुद्ध नगर व हापुड़ में एक-एक व्यक्ति की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है। सीएमओ ने बताया कि अब तक जिले में स्वाइन फ्लू का एक भी मरीज सामने नहीं आया है। एहतियातन जिला अस्पताल में छह बेड का एक वार्ड बना दिया गया है।

फॉगिंग के नाम पर खानापूर्ति कर रही नगर पालिका
मच्छरों के प्रकोप को कम करने के लिए नगर पालिका को फॉगिंग के आदेश दिए गए थे। नगर पालिका अफसरों ने आदेशों को दरकिनार करते हुए कागजों में ही फॉगिंग शुरू कर दी। बड़े प्रशासनिक अफसरों के आवासों के समीप पालिका अफसरों ने फॉगिंग कराकर अभियान को पूरा कर लिया। हालांकि, नगर पालिका अफसर दावा कर रहे हैं कि फॉगिंग अधिकतर कालोनियों में कराई जा चुकी है। जबकि, लोगों की शिकायत है कि अधिकतर कॉलोनियों में अब तक फॉगिंग नहीं हुई है। ईओ एके सिंह ने बताया कि दो मशीनें रोस्टर के हिसाब से प्रतिदिन दो-दो वार्ड में फॉगिंग कर रही हैं। जिन वार्ड में फॉगिंग नहीं हुई है, वहां जल्द ही फॉगिंग करा दी जाएगी।
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कोट
स्वाइन फ्लू का अब तक कोई केस सामने नहीं आया है। एहतियातन जिला अस्पताल में एक वार्ड बना दिया गया है। इन दिनों लोगों को सामान्य बुखार की शिकायत है। चिकनगुनिया या डेंगू का भी कोई केस अब तक सामने नहीं आया है। - डॉ. केएन तिवारी, सीएमओ
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