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केंद्रीय मंत्री के गोद लिए गांव में अव्यवस्थाओं की भरमार

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केंद्रीय मंत्री के गोद लिए गांव में अव्यवस्थाओं की भरमार
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- केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने गोद लिया है गुलावठी क्षेत्र का ओलेढ़ा गांव
- गांव में नालियां न होने पर सड़कों पर भर रहा है पानी
अमर उजाला ब्यूरो।
बुलंदशहर। केंद्रीय मंत्री के गोद लिए गांव में अव्यवस्थाओं की भरमार है। दो वर्ष पूर्व जब केंद्रीय मंत्री ने गांव को गोद लिया था तो लोगों को उम्मीद थी कि जल्द ही उनके गांव के दिन सुधर जाएंगे, लेकिन गांव को गोद लेने के बाद भी आज तक गांव में विकास की बयार नहीं बह सकी है। रास्ते पर भरा पानी व टूटी सड़कें आज भी गांव की बदहाल स्थिति को बयां करने के लिए काफी हैं।
केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने करीब दो वर्ष पूर्व गुलावठी क्षेत्र के गांव ओलेढ़ा को गोद लिया था। गांव को गोद लिया तो ग्रामीणों को उम्मीद जगी कि अब गांव में विकास की गंगा बहेगी, लेकिन समय बीतने के साथ यदि कुछ बदला है तो वह केवल गांव की मुख्य सड़क है। गांव की गलियां आज भी पूर्व की भांति टूटी फूटी हैं। सड़कों के किनारे नाली न बने होने के कारण घरों का पानी सड़कों पर इकट्ठा रहता है। लोगों ने पानी की निकासी के लिए कई बार अफसरों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने गांव को गोद तो लिया, लेकिन विकास कार्यों के नाम पर केवल खानापूर्ति और कागजी घोड़े दौड़ाए जा रहे हैं। गांव में बिजली व्यवस्था भी बदहाल है। गांवों में सड़कों के नाम पर केवल गड्ढे दिखाई देते हैं।
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पानी निकासी के लिए नहीं हैं नालियां
गांव के अधिकतर घरों के पानी की निकासी के लिए नालियां नहीं हैं। नालियां न होने से घरों का पानी सड़कों पर भरा रहता है। ग्रामीणों ने उक्त पानी को निकालने के लिए सड़कों को काटकर खेतों की ओर एक नाली बना दी है। जिससे ग्रामीण बारिश व सामान्य तौर पर भरे पानी को निकालते हैं।

बिजली व्यवस्था भी है बदहाल
केंद्रीय मंत्री के गोद लिए गांव में बिजली सप्लाई व्यवस्था भी बदहाल है। गांव में लोगों को बमुश्किल 10 से 12 घंटे की बिजली सप्लाई मिल पा रही है। इसके अलावा गत दिनों एक माह में फुंका हुआ ट्रांसफार्मर बदला गया था। जिससे आधे से अधिक गांव में बिजली संकट झेलना पड़ा था।
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केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने गांव को दो वर्ष पूर्व गोद लिया था। जिसके बाद से गांव में अभी तक 28 स्ट्रीट लाइटें लगाई हैं। परन्तु सभी स्ट्रीट लाइटें अपने चहेते लोगों के घरों में लगाई गई हैं। इसके अलावा गांव में कोई अन्य विकास कार्य अभी तक नहीं हुआ है। गांव की सभी सड़कें आज भी कच्ची हैं।- राजेश यादव ग्राम प्रधान
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