फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नरौरा गंगा बैराज पर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा जलस्तर

विज्ञापन
विज्ञापन
नरौरा गंगा बैराज पर खतरे के निशान की ओर बढ़ रहा जलस्तर
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नरौरा।
नरौरा बैराज पर पिछले दो दिन से जलस्तर के स्थिर रहने के बाद सोमवार को जलस्तर में 21 हजार क्यूसेक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सोमवार को बैराज पर कुल पानी की आवक दो लाख 14 हजार क्यूसेक दर्ज की जा रही है। बैराज पर दो लाख 50 हजार क्यूसेक पानी की निकासी पर जलस्तर खतरे के निशान पर पहुंच जाता है।
सिंचाई विभाग के तारबाबू देवेश कुमार ने बताया कि बैराज पर कुल पानी की आवक रविवार को 1 लाख 93 हजार 325 क्यूसेक थी। इसमें वृद्धि के बाद सोमवार को बैराज पर दो लाख 14 हजार क्यूसेक प्रति सेकेंड की दर से पानी पहुंच रहा है। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 2 लाख 2 हजार 72 क्यूसेक प्रति सेकंड की दर से पानी की निकासी की जा रही है। जबकि एलजीसी नहर में 6811 व पीएलजीसी नहर में 5767 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि नदी के उफान पर होने के कारण रामघाट व राजघाट खादर क्षेत्र में गंगा किनारे खड़ी फसलों में जलभराव से किसान परेशान हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


रामघाट का श्मशान घाट हुआ जलमग्न
नरौरा/रामघाट। रामघाट में गंगा किनारे रेती में शवों का दाह संस्कार गंगा नदी के उफान पर होने के कारण नहीं हो पा रहा है। रामघाट में गंगा किनारे की रेती में शव दाहसंस्कार किया जाता था। लेकिन विगत कुछ दिनों से गंगा नदी के उफान पर होने के कारण इस समूचे इलाके में गंगा बह रही है, जिससे दाह संस्कार करने के लिए स्थान नहीं हैं। इसके चलते आसपास क्षेत्र के अलाव अतरौली व अलीगढ़ क्षेत्र से शव लेकर आने वाले लोग नरौरा में गांधी घाट के निकट स्थित श्मशान घाट पर शव दाह संस्कार करने को पहुंच रहे हैं। ब्यूरो

कैप्शन : नरौरा गंगा बैराज पर उफनता गंगा का जलस्तर।
फोटो फाइल : 07 बुल 111
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें