निगम का दावा काम न आया, बहनों को भीड़, जाम ने रुलाया
- रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी रही भीड़, सीटों के लिए मची मारामारी
- अधिकतर बहनें मुफ्त यात्रा से रही वंचित
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
पिछले एक सप्ताह से रक्षाबंधन के दिन बहनों को स्मूद सफर देने का दवा करने वाले रोडवेज निगम के दावे फुस्स हो गए। सोमवार को भाई के घर जाने वाली बहनों की खूब शामत आई। एक ओर बस और ट्रेनों में भारी भीड़ के चलते बहनों और भाइयों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, दूसरी ओर जिले में कई स्थानों पर जाम ने लोगों को परेशान किया।
बसों की छत और ट्रेनों के गेट पर लटककर किया सफर
रक्षाबंधन के दिन बहनें भाई के घर पहुंचने के लिए सुबह से ही घर से निकल पड़ी। सुबह से लेकर शाम तक सड़क नहीं बल्कि वाहन ही वाहन दिखाई दिए। बहनें भाई के घर बसों व अन्य वाहनों के अलावा अपनी कार अथवा बाइक से भी पहुंची। मगर, जो बहनें बिना वाहन के घर से भाई के घर को रवाना हुई। उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्योंकि रोडवेज की बसों में जगह नहीं मिली। इसके चलते उन्हें खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। बसों की छत पर भी यात्रियों ने जान जोखिम में डालकर यात्रा की। रोडवेज की वर्कशाप में कुछ बसें खड़ी देखने को मिली। सिकंदराबाद में वाहनों के न मिलने से सुबह से लेकर यात्री इंतजार में रोडवेज बस अड्डे से लेकर चौराहे, हाइवे के किनारे खड़े दिखाई दिए। सफर तय करने के लिए मेटाडोर, ट्रक, कैंटर तक का सहारा लिया। इसी तरह खुर्जा, सिकंदराबाद, शिकारपुर, डिबाई, दानपुर, गुलावठी, स्याना आदि स्थानों पर भी मारामारी रही। इसके चलते अधिकतर बहनें निशुल्क यात्रा से भी वंचित रहीं। उधर, एआरएम एसपी सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन के मद्देनजर रोडवेज और संविदा की 102 बसों का संचालन जारी रहा। कुछ बसें तेल भरवाने के लिए वर्कशाप में पहुंची थी। तेल भरवाने के बाद सभी को संचालित कर दिया गया। बहनों और यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण कुछ परेशानी जरूर हुई। प्रयास किया गया कि किसी भी यात्री को परेशानी ना हो। बसों का संचालन 12 अगस्त तक लगातार जारी रहेगा।
भाई-बहन के बीच जाम की बेड़ियां
बुलंदशहर।
रक्षाबंधन के दिन नगर तो जाम था ही, साथ ही बुलंदशहर को जोड़ने वाले सभी मार्ग जाम थे। जाम खुलवाने में ट्रैफिक पुलिस के पसीने छूट गए। दो थानों की पुलिस को जाम के बंधन से मुक्त करने के लिए मोर्चा संभालना पड़ा। ऐसे में बहनों को भाइयों के घर पहुंचने में खासी परेशानी आई। रक्षाबंधन के दिन भाई तक पहुंचने के लिए बहनों का रास्ता जाम ने रोक दिया।
बुलंदशहर-शिकारपुर मार्ग, बुलंदशहर-स्याना मार्ग, बुलंदशहर-सिकंदराबाद मार्ग, बुलंदशहर-गुलावठी मार्ग, बुलंदशहर-खुर्जा मार्ग, बुलंदशहर-अनूपशहर मार्ग पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। सबसे ज्यादा हालात तो बुलंदशहर में प्रवेश करने के बाद खराब हुए। बुलंदशहर में प्रवेश करने वाले सभी मार्ग जाम की बेड़ियों में बंधे हुए थे। स्याना अड्डे चौराहे और शिकारपुर बाईपास पर तो भीषण जाम था। गाड़ियोें के पहिये घंटों तक पूरी तरह रुक गए। स्याना अड्डे से कालाआम चौराहे तक का सफर करने के लिए एक घंटे का समय लग गया। हालात ये हो गए कि ट्रैफिक पुलिस के पसीने छूट गए। भीषण गर्मी और प्रदूषण से जाम में फंसे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बुरी तरह परेशान हो गए। जाम के कारण लाखों रुपये का पेट्रोल-डीजल भी धुएं के रूप में स्वाहा हो गया। खुर्जा में वाहनों का दबाव बढ़ने से कचहरी रोड, जंक्शन रोड, गांधी रोड पर, सुभाष नगर, बिंदावाला चौक आदि स्थानों पर दिन भर में कई बार जाम लगा। सुबह से लेकर शाम तक रोड पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। जाम से निकलने के लिए कई लोगों ने शहर की गलियों का सहारा लिया। ककोड़ क्षेत्र के वैर स्टेशन को जाने वाले मार्ग पर लगे जाम के चलते बहनें करीब ढ़ाई घंटे तक जाम में फंसी रही। जिसके चलते भाईयों को राखी बंधवाने के लिए इंतजार करना पड़ा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जाम खुलवाया। यह समस्या इसलिए बनी कि चोला स्टेशन पर ओवरब्रिज का निर्माण हो रहा है।
पैदल चलने को मजबूर हुई बहनें
बुगरासी। बुगरासी-स्याना रूट पर बसों की लचर व्यवस्था के चलते रक्षाबंधन पर महिलाओं और बच्चों को भारी दिक्कत रही। आसपास के गांवों के लिए किसी भी प्रकार के यातायात की सुविधा नहीं होने के कारण बहनों को पैदल ही यात्रा करनी पड़ी। बुगरासी-स्याना रूट पर प्राइवेट बसों का संचालन होता है और इस रूट पर दोपहर के समय बसों की लचर व्यवस्था है। रक्षाबंधन को देखते हुए लोगों ने अतिरिक्त बस सेवा की मांग की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में महिलाओं को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी कस्बा क्षेत्र के गांवों की महिलाओं को हुई।
डग्गामार वाहन चालकों ने काटी चांदी
बुलंदशहर। रोडवेज और ट्रेन में जगह नहीं मिलने पर बहनों को डग्गामार वाहनों का भी सहारा लेना पड़ा। क्योंकि डग्गामार वाहन चालक पहले ही सड़क पर उतर आए थे और उन्होंने मुंह मांगा किराया वसूल कर खूब चांदी कूटी। डग्गामार वाहनों में बहनों और अन्य यात्री जोखिम भरी यात्रा करने को मजबूर हुए।