खाद्य अफसरों ने की ताबड़तोड़ छापेमारी, 35 सैंपल लिए
- सात माह में फेल हुए 123 खाद्य पदार्थों के सैंपल
- रक्षा बंधन के मद्देनजर प्रशासन ने मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा
- जांच में खाद्य पदार्थों में मिले लेड क्रोमेड, सेट्राजिन, रोडा माइन जैसा खतरनाक केमिकल
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
रक्षाबंधन के मद्देनजर खाद्य विभाग ने शनिवार को ताबड़तोड़ छापेमारी कर अलग-अलग प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के 35 सैंपल लिए। वहीं बीते सात माह में जांच के लिए भेजे गए नमूनों में से 123 की रिपोर्ट में मिलावट होने का खुलासा हुआ है। इन खाद्य पदार्थों में लेड क्रोमेड, सेट्राजिन, रोडा माइन जैसे खतरनाक केमिकल मिले हैं।
त्योहारों के नजदीक आते ही मिलावटखोर इस कदर सक्रिय हो जाते हैं कि वह जानलेवा केमिकलों को खाद्य पदार्थों में मिलाकर खुलेआम लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हैं। गत सात माह में जांच के लिए भेजे गए कुल 356 खाद्य पदार्थों के सैंपल में से 123 खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट फेल आई है। बड़े पैमाने पर खाद्य पदार्थों में मिलावट का खुलासा होने के बाद डीएम ने खाद्य अफसरों के पेच कसे। डीएम ने अफसरों को आदेश दिए कि टीम बनाकर जिले भर में छापेमारी की जाए। जिसके अनुपालन में शनिवार को खाद्य अफसरों की दो टीमों ने जिलेभर में छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान अभियान के तहत कुल 35 खाद्य पदार्थों के सैंपल भरे गए। अफसरों ने सैंपलों को एकत्रित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है।
बुलंदशहर, सिकंदराबाद, ककोड़, स्याना, पहासू में हुई छापेमारी
डीएम के आदेश पर अफसरों ने अभियान चलाकर शुक्रवार देर शाम व शनिवार को विभिन्न स्थानों से 35 सैंपल एकत्रित किए। इस दौरान शुक्रवार देर शाम टीम ने नगर के धमेड़ा रोड से मटर का आटा, नयागांव से सरसों का तेल, मिर्ची पाउडर, मालागढ़ से बालूशाही सोहन पपड़ी, बर्फी व रस्क का सेंपल भरे। इसके अलावा पहासू क्षेत्र से घेवर, बूंदी लड्डू के तीन व एक मीठी चटनी का सैंपल भरा। नगर के गांधी चौक से देशी घी, अन्य स्थानों से दही, रसगुल्ला, सादा घेवर, राजभोग, बेसन का लड्डूस घेवर, सफेद रसगुल्ला (छेना), सफेद रसगुल्ला, छेना घेवर के सैंपल भरे। शनिवार को अफसरों ने दौलतपुर से मलाई चाप व बालूशाही, छेना, बेसन लड्डू, सिकंदराबाद से सोनपपड़ी के दो, बेसन लड्डू, बालूशाही, सरसों का तेल, वैर से हल्दी व मिर्च पाउडर व ककोड़ से बालूशाही का एक सैंपल भरा।
दुकानों के गिरे धड़ाधड़ शटर
छापेमारी के चलते दुकानों के धड़ाधड़ शटर गिरने लगे। जिस भी क्षेत्र में खाद्य विभाग के अफसर छापेमारी के लिए पहुंचते, आनन-फानन में वह बाजार पूरी तरह से बंद हो जाता था। पूरे दिन दुकानदारों में सैंपलिंग को लेकर खलबली मची रही।
जानलेवा केमिकलों की मिलावट
गत सात माह में आई जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थों में कई जानलेवा केमिकल की मिलावट का खुलासा हुआ है। इस दौरान सीएफएसओ मनोज कुमार ने बताया कि जांच में हल्दी में लेड क्रोमेड, अरहर की दाल में सेट्राजिन, मिर्च पाउडर में रोडामाइन, सरसों तेल में रंग, मिर्च में ईंट का चूरा, रोडोमाइन बी, आटा में रेत, चॉक पाउडर, चना दाल में खेसारी, मसालों में कंकड़, पत्थर, लकड़ी का बुरादा, दूध में यूरिया, वाशिंग पाउडर मिला हुआ होने का खुलासा हुआ। इसके अलावा कई मिठाइयों में चांदी के बर्क के नाम पर एल्यूमीनियम का बर्क भी पाया गया है।
ये हो सकता है नुकसान
ईंट पाउडर, रोडामाइन बी के प्रयोग से व्यक्ति के गुर्दे व तिल्ली खराब होने लगते हैं। खेसारी एक प्रकार की दाल होती है। इसे चना व अरहर दाल में मिलाया जाता है। खेसारी दाल एक प्रकार का जहरीला रसायन होता है। इससे व्यक्ति का पाचन तंत्र, गुर्दे आदि प्रभावित होते हैं। लकड़ी का बुरादा मिले मसालों के सेवन से व्यक्ति का आहार तंत्र, आंतें व दांत संबंधी बीमारियां झेलनी पड़ती हैं। यूरिया व वाशिंग पाउडर मिले दूध के सेवन से व्यक्ति की सबसे पहले किडनी फेल होती है। इससे मौत भी हो सकती है।
कोट---
डीएम के आदेश पर जिलेभर में छापेमारी की गई है। इस दौरान कुल 35 खाद्य पदार्थों के सैंपल एकत्रित किए गए हैं। सभी सैंपल को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। - गौरीशंकर, डीओ, खाद्य सुरक्षा विभाग
खाद्य पदार्थों में जिन केमिकल की मिलावट पाई गई है, वह लोगों की सेहत के लिए खतरनाक हैं।
- डॉ. कैलाशनाथ तिवारी, सीएमओ