फर्जी आवंटन करने में एसडीएम खुर्जा समेत पांच अफसरों पर गाज
- डीएम ने अपने न्यायालय में सुनवाई के दौरान की कार्रवाई की संस्तुति
- 79 में से 67 आवंटन पाए गए फर्जी, महज 12 निकले सही
- एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को भेजी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर।
तहसील खुर्जा में फर्जी तरीके से अपात्रों को भूखंडों का आवंटन करने के मामले में डीएम ने एसडीएम सहित तीन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है। तत्कालीन एसडीएम राहुल यादव के खिलाफ शासन को संस्तुति की है तो अन्य बाबुओं के खिलाफ कार्रवाई के आदेश खुर्जा एसडीएम को दिए हैं।
मंगलवार को डीएम डॉ. रोशन जैकब ने अपने न्यायालय में योजित वाद की सुनवाई करते हुए ग्राम सभा की जमीन को अवैध रूप से अपात्रों को आवंटित करने के मामले में फैसला सुनाया। इस दौरान डीएम ने पाया कि तहसील के गांव इब्राहीमपुर जुनैदपुर उर्फ मौजपुर में तहसील अफसरों द्वारा किए गए 79 भूखंडों के आवंटन में से 67 भूखंडों के आवंटन अपात्र लोगों को किए गए थे, जबकि केवल 12 पात्र लोगों को नियमानुसार भूखंडों का आवंटन किया गया था। डीएम ने तत्कालीन एसडीएम राहुल यादव के खिलाफ सस्पेंशन के लिए संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेजी तो दूसरी ओर नायाब तहसीलदार व तहसीलदार, लेखपाल बाबूलाल व आवंटन के समय तैनात राजस्व निरीक्षक को निलंबित करने के आदेश एसडीएम खुर्जा को देते हुए पांच दिनों में रिपोर्ट प्रेषित करने के लिए कहा है। इसके अलावा डीएम ने आदेश दिए हैं कि उक्त गांव में जाकर 67 भूखंडों की स्थिति का जायजा लिया जाए, यदि इन जमीनों पर अवैध कब्जा अब भी है तो उसको कब्जा मुक्त कराया जाए।
ग्राम प्रधान को भी दिया गया था पट्टा
शिकायत पर एडीएम की जांच में खुलासा हुआ कि तहसील अफसरों ने न केवल ऐसे लोगों को जमीन का आवंटन किया जो गांव में नहीं रहते बल्कि ग्राम प्रधान व उसके परिजनों, अविवाहित छात्रों को भी भूखंड आवंटित किए गए थे।