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डाटा फीडिंग का काम पूरा, अब होगा भौतिक सत्यापन

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डाटा फीडिंग का काम पूरा, अब होगा भौतिक सत्यापन
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जिले के 1.67 लाख किसानों के ऋण माफी का काम तेजी से चल रहा है। कंप्यूटर में डाटा फीड होने के बाद अब लाभार्थियों की सूची में शामिल किसानों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।

इसके लिए एडीएम वित्त एवं राजस्व ने सभी एसडीएम, तहसीलदार और लेखपालों को लाभार्थियों के घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तहसील स्तर पर शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करने के भी निर्देश दिए हैं।
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अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बृजेश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार दोपहर जिला पंचायत सभागार में किसानों के ऋण माफी योजना के संबंध में बैठक का आयोजन किया गया।

बैठक में एडीएम वित्त ने कहा कि डाटा फीडिंग का काम पूरा हो चुका है। जो डाटा मुख्यालय से दिया गया है, वह डाटा एसडीएम, तहसीलदारों तथा लेखपालों द्वारा लाभार्थी किसानों के घर-घर जाकर सत्यापित किया जाना है।

उन्हाेंने कहा कि मार्च 2016 तक जिन किसानों ने विभिन्न बैंकों से लोन लिया है उनका ऋण माफ किया जाएगा। जो किसान प्रदेश का मूल निवासी हो और बैंक शाखा भी जनपद की हो।

किसान के पास कृषि भूमि पट्टा आवंटन की भूमि हो और यदि चार किसानों का संयुक्त खाता है तो उसमें उस किसान के हिस्से का सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना में फसली ऋण मोचन है।

उन्होंने यह भी बताया कि ट्रैक्टर एवं मत्स्य पालन आदि के लिए ऋण मोचन योजना में शामिल नहीं होंगे। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र किसानों को पिता का नाम, आधार कार्ड संख्या, बैंकों में किसान क्रेडिट कार्ड, फसली खाता संख्या, मोबाइल नंबर, भूलेख रकबा एवं गाटा संख्या उपलब्ध कराने हाेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि योजना के लिए पात्र किसानों की सूची संबंधित ब्लॉक, तहसील, बैंक/ब्रांच, जिला मुख्यालय के सूचना पटल तथा जनपद की वेबसाइट पर भी प्रकाशित की जाएगी।

इस योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी/शिकायत के लिए जिला स्तर पर जिलाधिकारी नियंत्रण कक्ष के रूप में फोन नंबर 05732-259277 पर संपर्क कर सकते हैं।
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किसी भी शिकायत का निस्तारण जिला स्तरीय सशक्त समिति द्वारा किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि योजना के लिए प्रत्येक तहसील पर एक नियंत्रण कक्ष की स्थापना करें।
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