बीएसए ऑफिस पर ताला लगाते भाकियू महाशक्ति के पदाधिकारी।
- फोटो : bulandshahr
बुलंदशहर। कोरोना काल के दौरान निजी स्कूलों को 15 प्रतिशत फीस समायोजित करने के लिए कोर्ट ने आदेश दिए थे, लेकिन स्कूलों ने अभी तक फीस समायोजित नहीं की है। इसके विरोध में भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के पदाधिकारियों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए बीएसए कार्यालय पर ताला लगा दिया। उन्होंने कहा कि निजी स्कूलों के साथ अधिकारी भी मिले हुए हैं। जिससे अभिभावकों का नुकसान हो रहा है। चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। करीब 20 मिनट बाद ताला खोला गया।
भारतीय किसान यूनियन महाशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि निजी स्कूलों ने कोरोना काल के दौरान स्कूल बंद होने के बाद भी अभिभावकों से छात्रों की पूरी फीस वसूल की थी। इसे लेकर हाईकोर्ट की ओर से आदेश जारी किया गया था कि कोरोना काल में जमा की गई फीस में से 15 प्रतिशत फीस को समायोजित किया जाए। जो अभिभावक फीस जमा कर चुके हैं, उनके आगामी कक्षा में फीस को समायोजित कर दिया जाएगा। जो छात्र-छात्राएं स्कूल छोड़कर अन्य स्कूल कालेजों में प्रवेश ले चुके हैं। उनको फीस वापस की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों ने आदेश आने के कई महीने बाद भी फीस को समायोजित नहीं किया है। अधिकारियों को भी इस संबंध में अवगत कराया गया है, लेकिन कोई सुनवाई करने को तैयार नहीं है। भाकियू महाशक्ति ने सोमवार को बीएसए कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करते हुए ताला लगा दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही अभिभावकों की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान नूर हसन, आशुतोष शर्मा, संजू गोस्वामी, जितेंद्र भाटी, सुनील, रवि सोलंकी, यशपाल सिंह, जयप्रकाश शर्मा, अय्यूब सैफी मौजूद रहे।